Delhi Court ने CM Rekha Gupta के खिलाफ FIR की मांग वाली याचिका खारिज की

कोर्ट की ओर से विस्तृत आदेश अभी अपलोड नहीं किया गया है। शिकायतकर्ता ने 23 सितंबर, 2025 को कश्मीरी गेट ISBT में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान Rekha Gupta द्वारा की गई कथित टिप्पणियों को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाया था।

राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने गुरुवार को एक अर्जी खारिज कर दी, जिसमें दिल्ली की CM Rekha Gupta के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की गई थी। आरोप है कि सितंबर 2025 में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने सरकारी अधिकारियों की तुलना भगवान हनुमान से की थी।

अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM) अश्वनी पंवार ने मुख्यमंत्री के खिलाफ FIR दर्ज करने का निर्देश मांगने वाली इस अर्जी को खारिज कर दिया। कोर्ट ने शिकायतकर्ता राम निवास शर्मा का बयान दर्ज करने के लिए मामले की अगली सुनवाई 19 नवंबर को तय की है।

Rekha Gupta के बयान पर कानूनी विवाद

कोर्ट की ओर से विस्तृत आदेश अभी अपलोड नहीं किया गया है। शिकायतकर्ता ने 23 सितंबर, 2025 को कश्मीरी गेट ISBT में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान Rekha Gupta द्वारा की गई कथित टिप्पणियों को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाया था।

इस कार्यक्रम में दिल्ली परिवहन निगम (DTC) की दिल्ली-बड़ौत अंतरराज्यीय AC बस सेवा की शुरुआत की गई थी। शिकायत के अनुसार, गुप्ता ने दिल्ली सरकार के अधिकारियों के कामकाज के बारे में बात करते हुए उनकी तुलना भगवान हनुमान से की थी।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि मुख्यमंत्री ने यह टिप्पणी उस आधिकारिक कार्यक्रम में की, जहाँ सरकारी अधिकारी और आम जनता मौजूद थी। गुप्ता के नाम से जोड़ा गया कथित बयान इस प्रकार है, “हमारे दिल्ली सरकार के अधिकारी सब हनुमान की तरह हैं।

ये हनुमान तब कड़ी मेहनत करते हैं जब इनकी पूंछ में आग लग जाती है। उससे पहले तो ये भूल ही जाते हैं।” शिकायतकर्ता ने आगे आरोप लगाया कि यह टिप्पणी एक सार्वजनिक मंच पर की गई, जहाँ सरकारी अधिकारी, कार्यक्रम में आए लोग और आम जनता मौजूद थी।

मामले की सुनवाई के बाद, अदालत ने 29 अक्टूबर को अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। इससे पहले, 3 अक्टूबर को अदालत ने कश्मीरी गेट पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) से मुख्यमंत्री के खिलाफ की गई शिकायत पर एक स्टेटस रिपोर्ट मांगी थी।

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पुलिस रिपोर्ट में Rekha Gupta को राहत

इसके बाद, 15 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस ने एक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की, जिसमें रेखा गुप्ता को क्लीन चिट देते हुए कहा गया कि उनके खिलाफ कोई संज्ञेय अपराध (cognizable offence) नहीं बनता है।

पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में 23 सितंबर, 2025 को कथित आरोपी द्वारा दिए गए भाषण की ट्रांसक्रिप्ट (लिखित प्रति) भी सौंपी। इसके साथ ही, भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 (BSA) की धारा 63(4)(c) के तहत एक प्रमाण पत्र भी जमा किया गया।

अदालत भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 223 के तहत एक शिकायत पर विचार कर रही है। इसके साथ ही, BNSS की धारा 175(3) के तहत एक आवेदन भी दायर किया गया है, जिसमें FIR दर्ज करने का निर्देश देने की मांग की गई है।

शिकायतकर्ता राम निवास शर्मा की ओर से वकील संजीत कुमार पेश हुए। अब इस मामले में शिकायतकर्ता का बयान दर्ज करने के लिए 19 नवंबर को सुनवाई होगी।

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