मानहानि मुकदमे को लेकर Saurabh Bharadwaj का Parvesh Verma पर तंज

वर्मा का कहना है कि उनका या उनके परिवार का उस स्कूल या ट्रस्ट से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रस्ट के किसी सदस्य की नियुक्ति में उनकी कोई भूमिका नहीं थी और उस व्यक्ति से उनका कोई संबंध नहीं है।

शनिवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता Saurabh Bharadwaj ने बीजेपी नेता और दिल्ली के मंत्री प्रवेश वर्मा पर निशाना साधा। प्रवेश वर्मा ने उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए भारद्वाज ने AAP के प्रति बीजेपी के पुराने बर्ताव का जिक्र किया और कहा कि ‘जो लोग शीशे के घरों में रहते हैं, उन्हें दूसरों पर पत्थर नहीं फेंकने चाहिए।’

Saurabh Bharadwaj ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने आबकारी मामले को लेकर अरविंद केजरीवाल के खिलाफ पोस्टर लगवाए थे। उन्होंने कहा कि जो लोग आलोचना बर्दाश्त नहीं कर सकते, उन्हें दूसरों पर हमला करने से बचना चाहिए।

Saurabh Bharadwaj का BJP पर हमला

Saurabh Bharadwaj ने कहा, “जब अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री थे, तब एक फर्जी आबकारी मामले को लेकर पोस्टर लगाए गए थे, जबकि अदालत ने उस मामले को चार्जशीट के लायक भी नहीं माना था।

रेखा गुप्ता ने केजरीवाल की मां के बारे में अपमानजनक टिप्पणी की थी… लेकिन जब AAP बीजेपी के मुख्यमंत्री के बारे में कुछ पोस्ट करती है, तो वे तुरंत हाई कोर्ट पहुंच जाते हैं।

क्या अदालत को अरविंद केजरीवाल और आतिशी के खिलाफ बनाए गए आपत्तिजनक वीडियो और पोस्टर नहीं दिखे? मैं रेखा गुप्ता जी और बीजेपी से कहना चाहता हूं कि जो लोग शीशे के घरों में रहते हैं, उन्हें दूसरों पर पत्थर नहीं फेंकने चाहिए। अगर आप आलोचना नहीं सह सकते, तो दूसरों पर हमला करना बंद कर दें…”

भारद्वाज की यह टिप्पणी तब आई, जब दिल्ली के मंत्री प्रवेश वर्मा ने ‘एसएस मोटा सिंह पब्लिक स्कूल’ नामक एक निजी स्कूल से जुड़े आरोपों को लेकर ‘आप’ (AAP) नेता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।

वर्मा की शिकायत मई 2026 में सोशल मीडिया पर भारद्वाज द्वारा की गई उन पोस्ट से जुड़ी थी, जो पश्चिमी दिल्ली के एक निजी स्कूल की किसी घटना के बारे में थीं। वर्मा ने कहा कि X, इंस्टाग्राम और फेसबुक पर डाली गई इन पोस्ट से उनकी और उनके परिवार की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है।

शिकायत के साथ, उन्होंने 15 मई की वीडियो क्लिप और भारद्वाज के X हैंडल से किए गए ट्वीट भी जमा किए। स्कूल की यह घटना ‘प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस’ (POCSO) एक्ट से जुड़े एक मामले से संबंधित थी, और Saurabh Bharadwaj की पोस्ट के कारण इस चर्चा में वर्मा का नाम भी आ गया।

Delhi Court ने CM Rekha Gupta के खिलाफ FIR की मांग वाली याचिका खारिज की

Parvesh Verma का ट्रस्ट पर बयान

वर्मा का कहना है कि उनका या उनके परिवार का उस स्कूल या ट्रस्ट से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रस्ट के किसी सदस्य की नियुक्ति में उनकी कोई भूमिका नहीं थी और उस व्यक्ति से उनका कोई संबंध नहीं है।

उन्होंने यह भी कहा कि भारद्वाज ने गलत दावा किया कि उन्होंने ट्रस्ट की फाइलों को गायब कर दिया था। हालांकि, 10 अक्टूबर को राउज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली के उपमुख्यमंत्री प्रवेश वर्मा द्वारा दायर आपराधिक मानहानि की शिकायत को खारिज कर दिया।

कोर्ट ने मामले का संज्ञान लेने से इनकार करते हुए कहा कि भारद्वाज द्वारा लगाए गए आरोप असल में सवाल पूछने की तरह थे, जिन्हें मानहानि नहीं माना जा सकता। जब कोई मजिस्ट्रेट मामले का संज्ञान लेने से इनकार कर देता है, तो शिकायत वहीं खत्म हो जाती है: आरोपी को कोई समन जारी नहीं किया जाता और न ही कोई मुकदमा (ट्रायल) शुरू होता है।

इसके बाद, राउज एवेन्यू सेशंस कोर्ट ने वर्मा द्वारा दायर एक रिवीजन याचिका पर नोटिस जारी किया। वर्मा ने शिकायत खारिज किए जाने के फैसले को चुनौती दी थी। कोर्ट ने इस मामले में जवाब दाखिल करने के लिए 28 नवंबर की तारीख तय की है।

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