ज्यादा Phone चलाने से सेहत पर पड़ सकता है असर, जानें नुकसान और बचाव के तरीके

बच्चों और युवाओं में फोन का अत्यधिक इस्तेमाल पढ़ाई, नींद, खेलकूद और रोजमर्रा की गतिविधियों के समय को प्रभावित कर सकता है। इसलिए उम्र और जरूरत के अनुसार स्क्रीन टाइम को संतुलित करना जरूरी है।

आज के समय में मोबाइल Phone हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। पढ़ाई, काम, सोशल मीडिया, मनोरंजन और बातचीत के लिए लोग घंटों फोन का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन जरूरत से ज्यादा स्क्रीन टाइम हमारी सेहत पर कई तरह से असर डाल सकता है।

लंबे समय तक फोन चलाने से आंखों में थकान, गर्दन और कंधों में दर्द, नींद में परेशानी और शारीरिक गतिविधियों में कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए फोन का इस्तेमाल पूरी तरह छोड़ना जरूरी नहीं है, बल्कि इसे सही तरीके और संतुलित समय के साथ इस्तेमाल करना जरूरी है।

Phone का ज्यादा इस्तेमाल सेहत को कैसे प्रभावित करता है?

1. आंखों पर पड़ सकता है असर

लंबे समय तक मोबाइल स्क्रीन देखने से आंखों में थकान, सूखापन, जलन और धुंधला दिखाई देने जैसी परेशानी हो सकती है। लगातार स्क्रीन देखने के दौरान पलकें कम झपकने से आंखों में ड्राईनेस भी महसूस हो सकती है।

आंखों को आराम देने के लिए बीच-बीच में स्क्रीन से नजर हटाना और कुछ दूरी पर देखना फायदेमंद हो सकता है।

2. गर्दन और कंधों में दर्द

फोन देखते समय लंबे समय तक गर्दन झुकाकर बैठने से गर्दन, कंधे और ऊपरी पीठ की मांसपेशियों पर दबाव पड़ सकता है। लगातार गलत पोस्चर में फोन इस्तेमाल करने से दर्द और अकड़न की समस्या बढ़ सकती है।

फोन को बहुत नीचे रखकर देखने के बजाय उसे आंखों के करीब उचित ऊंचाई पर रखना और बीच-बीच में पोस्चर बदलना बेहतर है।

3. नींद पर पड़ सकता है असर

रात में लंबे समय तक फोन चलाने की आदत नींद के समय को कम कर सकती है। खासकर सोने से ठीक पहले सोशल मीडिया, वीडियो या गेमिंग में लंबे समय तक व्यस्त रहने से सोने का समय आगे बढ़ सकता है।

इसलिए कोशिश करें कि सोने से पहले फोन का इस्तेमाल कम करें और रात में फोन को बिस्तर से थोड़ा दूर रखें।

4. शारीरिक गतिविधि कम हो सकती है

अगर खाली समय का ज्यादातर हिस्सा फोन देखने में बीतता है, तो चलना-फिरना, व्यायाम या अन्य शारीरिक गतिविधियों के लिए समय कम हो सकता है। लंबे समय तक बैठे रहने की आदत भी स्वास्थ्य के लिए अच्छी नहीं मानी जाती।

फोन इस्तेमाल करने के बीच छोटे-छोटे ब्रेक लेकर चलना या स्ट्रेचिंग करना मददगार हो सकता है।

5. मानसिक थकान और तनाव

लगातार नोटिफिकेशन, सोशल मीडिया, मैसेज और ऑनलाइन कंटेंट देखने से दिमाग को लगातार नई जानकारी मिलती रहती है। इससे कुछ लोगों को मानसिक थकान, चिड़चिड़ापन या तनाव महसूस हो सकता है।

फोन पर बिताए समय को सीमित करना और दिन में कुछ समय बिना स्क्रीन के बिताना मानसिक आराम के लिए उपयोगी हो सकता है।

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Phone का इस्तेमाल कम करने के आसान तरीके

फोन की आदत को नियंत्रित करने के लिए इन आसान उपायों को अपनाया जा सकता है:

  • फोन में Screen Time या Digital Wellbeing की मदद से अपना स्क्रीन टाइम देखें।
  • गैर-जरूरी नोटिफिकेशन बंद करें।
  • खाना खाते समय फोन का इस्तेमाल न करें।
  • सोने से पहले फोन का इस्तेमाल कम करें।
  • हर कुछ समय बाद स्क्रीन से नजर हटाकर आंखों को आराम दें।
  • लंबे समय तक एक ही मुद्रा में बैठने से बचें।
  • रोजाना कुछ समय वॉक या शारीरिक गतिविधि के लिए निकालें।
  • सुबह उठते ही और सोने से ठीक पहले फोन देखने की आदत कम करें।
  • सोशल मीडिया के लिए दैनिक समय सीमा तय करें।

Phone चलाते समय आंखों का कैसे रखें ध्यान?

फोन को बहुत पास से देखने से बचें और स्क्रीन की रोशनी को कमरे की रोशनी के हिसाब से रखें। अंधेरे कमरे में लंबे समय तक तेज स्क्रीन देखने से आंखों पर असहजता बढ़ सकती है।

अगर आंखों में लगातार दर्द, धुंधलापन, अत्यधिक सूखापन या बार-बार सिरदर्द की समस्या हो रही है, तो आंखों के डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।

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बच्चों और युवाओं के लिए क्यों जरूरी है स्क्रीन टाइम पर नियंत्रण?

बच्चों और युवाओं में फोन का अत्यधिक इस्तेमाल पढ़ाई, नींद, खेलकूद और रोजमर्रा की गतिविधियों के समय को प्रभावित कर सकता है। इसलिए उम्र और जरूरत के अनुसार स्क्रीन टाइम को संतुलित करना जरूरी है।

माता-पिता बच्चों के साथ मिलकर फोन-फ्री टाइम तय कर सकते हैं, जैसे खाना खाने के दौरान, पढ़ाई के समय और सोने से पहले।

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