Harpal Cheema ने केंद्र पर Punjab में ED के गलत इस्तेमाल का आरोप लगाया।
प्रधानमंत्री पर डर के कारण काम करने का आरोप लगाते हुए चीमा ने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी आज डरे हुए हैं। उन्हें इस देश के बच्चों, युवाओं और बुज़ुर्गों से डर लग रहा है—उन्हें डर है कि लोग बीजेपी और मोदी जी के ख़िलाफ़ हो गए हैं।

पंजाब के वित्त मंत्री Harpal Cheema ने गुरुवार को राज्य में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की चल रही छापेमारी को लेकर BJP के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी किसी राज्य में चुनाव नजदीक आते हैं, तो संवैधानिक संस्थाएं और संघीय जांच एजेंसियां भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लिए एक तरह से ‘फ्लाइंग स्क्वाड’ की तरह काम करती हैं।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, Harpal Cheemaने ED पर “डाकुओं जैसा व्यवहार” करने और विधानसभा चुनावों से पहले राज्य को डराने-धमकाने के लिए बंद परिसरों में जबरन घुसने का आरोप लगाया। चीमा ने आरोप लगाया, “जिस भी राज्य में विधानसभा चुनाव होने वाले होते हैं, वहां सबसे पहले भारतीय जनता पार्टी का ‘फ्लाइंग स्क्वाड’ पहुंचता है।
सबसे पहले चुनाव आयोग को यह पता लगाने के लिए भेजा जाता है कि विपक्षी पार्टी के वोट कैसे हटाए जाएं। उसके बाद CBI को भेजा जाता है, फिर ED को भेजा जाता है, और आयकर आयुक्त को भेजा जाता है—ताकि स्थानीय लोगों को परेशान किया जा सके और डर व दहशत का माहौल बनाया जा सके। भारतीय जनता पार्टी इन सभी एजेंसियों के जरिए ऐसा करवाती है।”
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Harpal Cheema बोले- जनता का समर्थन खोने के डर में हैं PM Modi
प्रधानमंत्री पर डर के कारण काम करने का आरोप लगाते हुए Harpal Cheemaने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी आज डरे हुए हैं। उन्हें इस देश के बच्चों, युवाओं और बुज़ुर्गों से डर लग रहा है—उन्हें डर है कि लोग बीजेपी और मोदी जी के ख़िलाफ़ हो गए हैं।
इसीलिए मोदी जी ने अब ED को हथियार बना लिया है और उसे आगे कर दिया है। हमारी जो जगहें बंद हैं—वहाँ तलाशी ली जा रही है और ताले तोड़े जा रहे हैं। बीजेपी की ED डकैतों जैसा बर्ताव कर रही है।”
पंजाब कैबिनेट मंत्री हरदेव सिंह मुंडियां के एक रिश्तेदार के घर हुई तलाशी का आधिकारिक दस्तावेज़ दिखाते हुए चीमा ने कहा कि इस रेड में कुछ भी हाथ नहीं लगा। चीमा ने कहा, “मेरे पास अभी एक आधिकारिक दस्तावेज़ है। हमारे मंत्री हरदेव सिंह मुंडियां जी के एक रिश्तेदार के घर पर रेड की गई थी। उन्हें वहाँ कुछ भी नहीं मिला।
यहाँ साफ़-साफ़ लिखा है… उन्होंने आधिकारिक तौर पर लिखा है कि ‘तलाशी के दौरान… इस घर से कोई भी आपत्तिजनक दस्तावेज़ बरामद या ज़ब्त नहीं किया गया।'”मंत्री ने कहा, “उनके घर पर कुछ भी—बिल्कुल कुछ भी—नहीं मिला। रिश्तेदारों के घरों पर छापेमारी करके वे पंजाब के लोगों को डराने-धमकाने की कोशिश कर रहे हैं।
पंजाब के लोग इसे कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे। पिछली बार BJP सिर्फ़ दो सीटें जीती थी; इस बार लोग उन्हें ज़ीरो पर ला देंगे।” यह बताते हुए कि राज्य सरकार और पार्टी एजेंसी की कार्रवाई का सामना संवैधानिक तरीकों से करेगी, वित्त मंत्री ने कहा, “अब उन्होंने पूरे पंजाब को निशाना बनाया है।
भारतीय जनता पार्टी ने पंजाब को बदनाम करने और पंजाबियों की छवि खराब करने की साज़िश रची है। हम इस साज़िश का पूरी तरह से पर्दाफ़ाश करेंगे। हम कानूनी कार्रवाई करेंगे, अदालत का दरवाज़ा खटखटाएंगे और साथ ही, तीन करोड़ पंजाबी हमारे साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होंगे और BJP के ख़िलाफ़ मज़बूती से लड़ेंगे।”
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SAD-BJP के कुशासन का आरोप, Harpal Cheema ने साधा निशाना
चीमा ने शिरोमणि अकाली दल (SAD) पर भी निशाना साधा। उन्होंने BJP के पुराने सहयोगी दल पर ड्रग्स और धार्मिक बेअदबी की घटनाओं को लेकर पहले किए गए कुशासन का आरोप लगाया और कहा कि अब पूरे पंजाब में लोग इन दोनों पार्टियों को नकार रहे हैं। उन्होंने कहा, “आज संविधान को तार-तार किया जा रहा है।
बाबासाहेब ने संविधान के तहत नागरिकों को जो वोटिंग का अधिकार दिलाया था, BJP ने पूरे देश में उन अधिकारों को खत्म करने की बड़ी साजिश रची है। पंजाब में BJP की जूनियर पार्टनर – अकाली दल – भी साजिशें रच रही है।
पहले, जब पंजाब में अकाली दल-BJP की सरकार थी, तो उन्होंने पूरे राज्य में ड्रग्स का कारोबार किया। उन्होंने पंजाब में गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की। उन्होंने पंजाब में युवाओं पर गोलियां चलवाईं। आज वही अकाली दल हमारी महिलाओं, बुजुर्गों और बेटियों का शारीरिक शोषण कर रहा है और यह बात देश के सामने पूरी तरह से उजागर हो गई है।
इसका मतलब है कि अकाली दल और BJP जैसी पार्टियां, जिन्हें पंजाब में पहले से ही नापसंद किया जाता था, अब पूरे देश में नफरत की पात्र बन गई हैं। उनके दिन गिने-चुने हैं और उनका पतन शुरू हो चुका है।”
इसी तरह की चिंता जताते हुए, पंजाब में AAP के सीनियर नेता और पंजाब कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक ने केंद्र पर जांच एजेंसियों के ज़रिए पंजाब को दबाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों और चुने हुए नेताओं को निशाना बनाना सत्ताधारी पार्टी की आम रणनीति बन गई है।
कटारूचक ने कहा, “वे एजेंसियों के ज़रिए पंजाब को दबाना चाहते हैं क्योंकि केंद्र सरकार का यह आम तरीका रहा है कि जिन राज्यों में चुनाव होने वाले होते हैं, वहां BJP पहले अधिकारियों को डराने-धमकाने के लिए एजेंसियों को लगाती है और फिर नेताओं को निशाना बनाती है।
बिहार और दिल्ली जैसे राज्यों का उदाहरण दिया जा सकता है, जहां पहले AAP नेताओं के खिलाफ मामले दर्ज किए गए और उन्हें चुनाव के समय जेल में रखा गया, जबकि वे मामले अदालत में टिक नहीं पाए और न्यायपालिका ने उन्हें खारिज कर दिया—और यह सब लोग देख रहे हैं।”
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