Gaurav Bhatia ने Punjab में ड्रग्स को लेकर सरकार पर साधा निशाना
भाटिया ने कहा, "संगरूर ज़िले के रहने वाले गुलज़ार सिंह ने AAP मंत्री हरपाल सिंह चीमा से गुहार लगाई थी, जब मंत्री उनके गाँव आए थे। उन्होंने कहा था, 'मेरा बेटा चिट्टा ले रहा है; इस पर कार्रवाई होनी चाहिए।' गुलज़ार सिंह ने मंत्री हरपाल सिंह चीमा से यही गुहार लगाई थी।"

मंगलवार को बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता Gaurav Bhatia ने संगरूर ज़िले के दलित व्यक्ति गुलज़ार सिंह की मौत को लेकर पंजाब सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार चिंता जताए जाने के बावजूद राज्य सरकार ड्रग्स की समस्या के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने में नाकाम रही है।
दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए भाटिया ने कहा कि गुलज़ार सिंह ने पंजाब के मंत्री हरपाल सिंह चीमा के गाँव के दौरे के दौरान ड्रग्स का मुद्दा उठाया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि उनका बेटा ‘चिट्टा’ (सिंथेटिक ड्रग के लिए इस्तेमाल होने वाला शब्द) ले रहा है और इस पर कार्रवाई की मांग की थी।
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Gaurav Bhatia बोले- बेटे के नशे को लेकर मांगी मदद
Gaurav Bhatia ने कहा, “संगरूर ज़िले के रहने वाले गुलज़ार सिंह ने AAP मंत्री हरपाल सिंह चीमा से गुहार लगाई थी, जब मंत्री उनके गाँव आए थे। उन्होंने कहा था, ‘मेरा बेटा चिट्टा ले रहा है; इस पर कार्रवाई होनी चाहिए।’ गुलज़ार सिंह ने मंत्री हरपाल सिंह चीमा से यही गुहार लगाई थी।”
भाटिया ने आरोप लगाया कि मंत्री के गाँव से जाने के बाद, सत्ताधारी पार्टी से जुड़े एक स्थानीय सरपंच ने गुलज़ार सिंह के घर जाकर उनकी मदद करने के बजाय उन्हें धमकाया और डराया-धमकाया।
उन्होंने आरोप लगाया कि गुलज़ार सिंह पर अपशब्दों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया और उनसे मंत्री से माफ़ी माँगने को कहा गया। भाटिया ने कहा कि इस कथित उत्पीड़न और दबाव से गुलज़ार सिंह निराश हो गए और इसके बाद उन्होंने ज़हर खा लिया।
Gaurav Bhatia के अनुसार, ज़हर खाने के बाद गुलज़ार सिंह ने एक वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें उन्होंने पंजाब के हालात के लिए चार लोगों को ज़िम्मेदार ठहराया और युवाओं के बीच नशीले पदार्थों, ड्रग्स और ‘चिट्टा’ की आसानी से उपलब्धता पर चिंता जताई। भाटिया ने कहा, “गुलज़ार सिंह का निधन हो गया।”
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Bhatia बोले- ड्रग्स पर Bhagwant Mann सरकार नाकाम
भाटिया ने कहा कि नशीली दवाओं के दुरुपयोग का मुद्दा राज्य सरकार की ज़िम्मेदारी है और आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान और मंत्री हरपाल सिंह चीमा इस समस्या से निपटने में नाकाम रहे हैं।
उन्होंने कहा, “नशीली दवाओं को रोकना मुख्यमंत्री भगवंत मान की ज़िम्मेदारी है।” बीजेपी नेता ने पंजाब में नशीली दवाओं और दिल्ली में शराब के मुद्दे पर क्रमशः भगवंत मान और AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि AAP सरकारें युवाओं को नशीली दवाओं के दुरुपयोग से बचाने में नाकाम रही हैं।
भाटिया ने पंजाब सरकार पर नशीली दवाओं के प्रसार को बढ़ावा देने का भी आरोप लगाया और भगवंत मान, हरपाल सिंह चीमा और अरविंद केजरीवाल के कामकाज पर सवाल उठाए। भाटिया ने कहा, “जब रक्षक ही विनाशक बन जाए, तो उसे इस्तीफ़ा दे देना चाहिए,” और मांग की कि भगवंत मान पंजाब के मुख्यमंत्री पद से हट जाएं।
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