Jairam Ramesh बोले- वायु प्रदूषण रोकने के लिए NCAP में बदलाव जरूरी
Jairam Ramesh ने 'X' पर लिखा कि मासिक औसत PM2.5 सांद्रता (concentration) के आधार पर भारत के तीन सबसे प्रदूषित शहर उत्तर प्रदेश में हैं—बागपत जिले का बड़ौत, गाजियाबाद जिले का खोड़ा और अमरोहा जिले का गजरौला।

राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण का स्तर “बहुत खराब” और “गंभीर” श्रेणियों के बीच बना हुआ है। इसे देखते हुए, वरिष्ठ कांग्रेस नेता Jairam Ramesh ने शुक्रवार को कहा कि उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में जनस्वास्थ्य संकट “और भी बदतर” है।
उन्होंने ‘नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम’ (राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम) में तत्काल बदलाव की मांग की, जिसे लगभग आठ साल पहले शुरू किया गया था। ‘सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर’ (CREA) द्वारा प्रकाशित एक विस्तृत विश्लेषण का हवाला देते हुए।
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Jairam Ramesh का प्रदूषण पर बयान
Jairam Ramesh ने ‘X’ पर लिखा कि मासिक औसत PM2.5 सांद्रता (concentration) के आधार पर भारत के तीन सबसे प्रदूषित शहर उत्तर प्रदेश में हैं—बागपत जिले का बड़ौत, गाजियाबाद जिले का खोड़ा और अमरोहा जिले का गजरौला।
कांग्रेस सांसद ने बताया कि उत्तर प्रदेश के 13, हरियाणा के 11, गुजरात के 3, और मध्य प्रदेश, पंजाब तथा राजस्थान में से प्रत्येक के 2-2 शहरों में PM2.5 (24 घंटे का औसत) का स्तर राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता मानक से अधिक है। यह स्तर WHO (विश्व स्वास्थ्य संगठन) द्वारा तय सुरक्षा मानक से चार गुना अधिक है।
CREA के एनालिसिस के आधार पर, Jairam Ramesh ने कहा कि “इंडस्ट्री, पावर जेनरेशन और रेजिडेंशियल सोर्स” से होने वाले एमिशन को कंट्रोल करने की ज़रूरत है।
कांग्रेस नेता ने कहा, “CREA का एनालिसिस बिल्कुल सही सुझाव देता है कि अब उसे (i) इंडस्ट्री, पावर जेनरेशन और रेजिडेंशियल सोर्स से होने वाले एमिशन को कंट्रोल करना चाहिए; (ii) सीधे निकलने वाले पार्टिकुलेट मैटर को कंट्रोल करना चाहिए; और (iii) सेकेंडरी PM2.5 बनने के लिए ज़िम्मेदार गैस प्रीकर्सर को ठीक करना चाहिए। एयरशेड-बेस्ड अप्रोच अपनाने की ज़रूरत है।”
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NAAQS मानकों में बदलाव की जरूरत
उन्होंने आगे कहा, “नेशनल एम्बिएंट एयर क्वालिटी स्टैंडर्ड्स (NAAQS) आखिरी बार नवंबर 2009 में जारी किए गए थे। तब उन्हें बहुत प्रोग्रेसिव माना गया था—लेकिन अब उन्हें अपडेट करने की ज़रूरत है, खासकर PM2.5 कंसंट्रेशन की सेफ लिमिट को।”
दिल्ली खतरनाक एयर पॉल्यूशन से जूझ रही है, सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के अनुसार सुबह 8 बजे पूरे शहर के लिए एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 389 रिकॉर्ड किया गया, जिसे ‘वेरी पुअर’ कैटेगरी में रखा गया है।
नेशनल कैपिटल के कई इलाकों में एयर क्वालिटी ‘खराब’ कैटेगरी में रिकॉर्ड की गई। CPCB डेटा के मुताबिक, IIT दिल्ली और रोहिणी दोनों में AQI 474 रिकॉर्ड किया गया, इसके बाद पंजाबी बाग में 465, आरके पुरम में 443, ITO में 422, फिरोज शाह रोड में 420 और इंडिया गेट में 403 रहा।
इंडिया गेट पर लागू स्टेज-II ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP-II) के मुताबिक, नगर निगम के अधिकारियों ने पानी छिड़कने के लिए ट्रक पर लगे वॉटर स्प्रिंकलर लगाए हैं।
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