Sanjay Raut ने CJP कार्यकर्ताओं की हिरासत के खिलाफ Supreme Court का रुख किया

Sanjay Raut ने आगे कहा, "अगर हम अपने ही देश में तिरंगा नहीं फहरा सकते, तो फिर हम क्या कर सकते हैं? इससे अराजकता फैलेगी। सुप्रीम कोर्ट को इस मामले को देखना चाहिए।"

शिवसेना (यूबीटी) के सांसद Sanjay Raut ने मंगलवार को चेतावनी दी कि मौजूदा प्रशासन के तहत शासन जारी रहने से चारों ओर अफरा-तफरी मच जाएगी। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से इस मामले में दखल देने की अपील की।

Sanjay Raut का यह बयान ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के नेताओं – सौरव दास और आशुतोष रंका – की न्यायिक हिरासत बढ़ाए जाने के बाद आया है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से सौरव दास और आशुतोष रंका की न्यायिक हिरासत पर ध्यान देने का आग्रह किया और चेतावनी दी कि अगर मौजूदा सरकार सत्ता में बनी रही, तो हर तरफ अराजकता फैल जाएगी।

Sanjay Raut का सरकार पर हमला

उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय पर भरोसा जताते हुए कहा कि यही वह एकमात्र संस्था है जो देश को बचा सकती है। Sanjay Raut ने कहा, “अगर यह सरकार सत्ता में बनी रहती है, तो देश में अराजकता फैलना तय है।

सुप्रीम कोर्ट को इस पर ध्यान देना चाहिए। हमें सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा है, और केवल सुप्रीम कोर्ट ही देश को बचा सकता है।” उन्होंने देश में राष्ट्रीय ध्वज न फहरा पाने की स्थिति पर सवाल उठाया और सुप्रीम कोर्ट से दखल देने की अपनी अपील दोहराई।

Sanjay Raut ने आगे कहा, “अगर हम अपने ही देश में तिरंगा नहीं फहरा सकते, तो फिर हम क्या कर सकते हैं? इससे अराजकता फैलेगी। सुप्रीम कोर्ट को इस मामले को देखना चाहिए।”

इस बीच, ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत, जो सोमवार को पांच दिन पूरी हो रही थी, उसे दो दिन और बढ़ा दिया गया।

उनके वकीलों ने बताया कि दस्तावेजों में कुछ विसंगतियों के कारण उनकी जमानत (श्योरिटी) खारिज हो गई, जिसके बाद सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली के मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन से वापस न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

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21 अक्टूबर तक हिरासत बढ़ाई

मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन में स्थित विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SEM) कोर्ट ने उनकी हिरासत 21 अक्टूबर तक बढ़ा दी है। इससे पहले, उन्हें दिल्ली के जंतर-मंतर पर जाने के कारण न्यायिक हिरासत में भेजा गया था, जबकि पुलिस ने जंतर-मंतर को राजधानी में विरोध-प्रदर्शन के लिए तय जगह घोषित कर रखा है।

उन पर आरोप है कि उन्होंने निषेधाज्ञा (prohibitory orders) का उल्लंघन करते हुए वहां राष्ट्रीय ध्वज फहराने की कोशिश की। विपक्ष के कई नेताओं ने भी जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने के लिए सौरव दास और आशुतोष रांका को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की आलोचना की।

उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अपने ही देश में राष्ट्रीय ध्वज फहराना या उसे हाथ में रखना अब कोई अपराध हो गया है? सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पुलिस की इस कार्रवाई को “बेहद हास्यास्पद” बताया।दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने लिखा, “क्या अपने ही देश में अपना झंडा लहराना कोई अपराध है? यह बिल्कुल हास्यास्पद है।”

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