Abhijeet Dipke बोले, प्रदर्शन दबाने के बजाय सीमा सुरक्षा पर ध्यान दें PM Modi

उन्होंने दावा किया कि अरुणाचल प्रदेश में भारत ने अपने पेट्रोलिंग पॉइंट (गश्त वाले स्थान) खो दिए हैं। 'X' (ट्विटर) पर एक पोस्ट में Abhijeet Dipke ने लिखा, "हां, क्योंकि जिन सुरक्षा बलों को हमारी सीमाओं की रक्षा करनी चाहिए, उन्हें नागरिकों के विरोध-प्रदर्शन को रोकने के लिए तैनात किया जा रहा है।

‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के कार्यकर्ता Abhijeet Dipke ने शुक्रवार को सुरक्षा प्राथमिकताओं को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की सीमाओं की रक्षा करने के बजाय, आंतरिक विरोध-प्रदर्शनों को दबाने के लिए सुरक्षा बलों को तैनात करके राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ समझौता किया जा रहा है।

Abhijeet Dipke ने कहा कि दिल्ली को अपने ही नागरिकों के खिलाफ एक “किले” में तब्दील करना राष्ट्रीय सुरक्षा को कमजोर करता है। इससे पहले दिन में, कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने केंद्र सरकार पर चीन के सामने झुकने और सीमा पर तनाव के मुद्दे पर चुप रहने का आरोप लगाया था।

Abhijeet Dipke ने PM मोदी को घेरा

उन्होंने दावा किया कि अरुणाचल प्रदेश में भारत ने अपने पेट्रोलिंग पॉइंट (गश्त वाले स्थान) खो दिए हैं। ‘X’ (ट्विटर) पर एक पोस्ट में Abhijeet Dipke ने लिखा, “हां, क्योंकि जिन सुरक्षा बलों को हमारी सीमाओं की रक्षा करनी चाहिए, उन्हें नागरिकों के विरोध-प्रदर्शन को रोकने के लिए तैनात किया जा रहा है।

Abhijeet Dipke ने कहा, “मोदी अपने ही देशवासियों के खिलाफ सुरक्षा बलों का इस्तेमाल करके राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डाल रहे हैं।” उन्होंने पोस्ट में लिखा, “प्राथमिकता हमारी सीमाओं को सुरक्षित करने की होनी चाहिए, न कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए दिल्ली को एक किले में बदलने की।”

इसके अलावा, शिवसेना (UBT) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने केंद्रीय गृह मंत्री, रक्षा मंत्री और विदेश मंत्री से चीन के प्रति भारत के रुख को लेकर जताई गई चिंताओं पर जवाब देने को कहा।

उन्होंने जोर देकर कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। चतुर्वेदी ने कहा, “देश के गृह मंत्री, रक्षा मंत्री और विदेश मंत्री की यह जिम्मेदारी है कि वे इस पर जवाब दें।

एक तरफ, हम चीन के साथ संबंधों को सामान्य बनाने की बात करते हैं—जिसका मतलब यह निकलता है कि सब कुछ ठीक है—लेकिन दूसरी तरफ, बार-बार ऐसे बयान दिए जा रहे हैं।”

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राष्ट्रीय हितों की रक्षा पर जोर

उन्होंने कहा, “चूंकि यह मामला देश की सुरक्षा, इसके संवेदनशील हितों और राष्ट्रीय हित से जुड़ा है, इसलिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।”

कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कहा कि भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक ने अरुणाचल प्रदेश में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के साथ हालिया झड़पों के दौरान बल के प्रदर्शन की तारीफ की है, जबकि उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री और उनका प्रशासन इस मुद्दे पर पूरी तरह चुप हैं।

X पर एक पोस्ट में रमेश ने लिखा, “जहां एक तरफ खुद को ‘विश्वगुरु’ कहने वाले नेता चीन को लगातार रियायतें दे रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ ITBP के महानिदेशक ने अरुणाचल प्रदेश में PLA के साथ हालिया झड़पों में अपने बल के प्रदर्शन की तारीफ की है—जो कि सही भी है—लेकिन इस पूरे मामले पर प्रधानमंत्री और उनके प्रशासन की ओर से गहरी चुप्पी छाई हुई है।”

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