Kolkata भगदड़ के बाद Bengal सरकार ने SIT जांच, मुआवजे और नौकरी का ऐलान किया
Kolkata पुलिस आयुक्त अजय नंद द्वारा जारी आदेश के अनुसार, ये प्रतिबंध बोबाजार पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इलाकों में लागू किए गए हैं। इसमें मुख्य रूप से कॉलेज स्ट्रीट, सेंट्रल एवेन्यू (CR एवेन्यू), कूलूटोला स्ट्रीट और ईडन हॉस्पिटल रोड से घिरा हुआ क्षेत्र शामिल है।

Kolkata में पश्चिम बंगाल सरकार ने चोरबागन सार्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में हुई दुखद भगदड़ की गहन जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। राज्य कैबिनेट मंत्री उमेश राय ने रविवार को यह जानकारी दी और इस घटना को “कुप्रबंधन का मामला” करार दिया।
राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि और सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है, साथ ही घायलों में से प्रत्येक को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का भी ऐलान किया है।
मंत्री उमेश राय ने कहा, “सरकार ने पूरे मामले की गहन जांच के लिए एक SIT (विशेष जांच दल) का गठन किया है। सरकार मृतकों के परिवारों को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दे रही है। इसके अलावा, अगर परिवार में कोई पात्र सदस्य है, तो राज्य सरकार उन्हें ‘ग्रुप D’ की सरकारी नौकरी देगी।
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पंडाल में भीड़ बेकाबू होने से हादसा
घायलों को सरकार 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दे रही है और उनके इलाज की पूरी जिम्मेदारी भी ली है।” इस दुखद घटना के क्रम को समझाते हुए, राय ने बताया कि अचानक हुई भारी बारिश के कारण थीम-आधारित पंडाल के अंदर भीड़ बेकाबू हो गई।
मंत्री ने कहा, “दुर्गा पूजा दुनिया के सबसे बड़े त्योहारों में से एक है। इतनी बड़ी भीड़ होना स्वाभाविक है… पिछले कुछ दिनों से चोरबागन के पंडाल में बड़ी संख्या में लोग आ रहे थे।
लेकिन कल अचानक भारी बारिश शुरू हो गई, और बारिश होते ही लाइन में इंतजार कर रहे लोग एक साथ पंडाल के अंदर घुसने लगे। पंडाल पहले से ही खचाखच भरा हुआ था, और बारिश की वजह से अंदर मौजूद लोग बाहर नहीं निकल रहे थे, जबकि बाहर से बड़ी संख्या में लोग अंदर आने के लिए धक्का-मुक्की करने लगे।”
राय ने माना कि मौके पर गंभीर चूक हुई थी; उन्होंने कहा कि लोगों के प्रवेश को नियंत्रित और सीमित किया जाना चाहिए था। उन्होंने आगे कहा, “यह कुप्रबंधन का मामला था; लोगों को अंदर जाने से रोका जाना चाहिए था।
इसके अलावा, पंडाल के अंदर रोशनी भी कुछ कम थी; यह एक थीम-आधारित पंडाल था, जिससे लोगों को यह अंदाजा लगाना मुश्किल हो गया कि वहां असल में कितनी भीड़ है। इस वजह से भगदड़ मच गई, जिसमें 19 लोगों की मौत हो गई।
साथ ही, 25 लोग घायल हुए हैं; उनका इलाज अभी अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है, जिनमें मेडिकल कॉलेज और सरकारी अस्पताल शामिल हैं।” यह दुखद घटना उत्तरी कोलकाता के मशहूर ‘चोरबागन सार्वजनीन दुर्गा पूजा’ पंडाल में हुई, जहां भक्तों की भारी भीड़ के कारण मची भगदड़ में 19 लोगों की जान चली गई और 25 अन्य लोग घायल होकर अस्पताल में भर्ती हो गए।
इस घटना के बाद, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए, Kolkata पुलिस ने ‘भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता’ (BNSS), 2023 की धारा 163 के तहत शहर के संवेदनशील इलाकों में तीन दिनों (18 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक) के लिए निषेधाज्ञा लागू कर दी है।
Kolkata भगदड़ के बाद CM Yogi ने Durga Puja पंडालों की सुरक्षा जांच के दिए निर्देश
Kolkata के बोबाजार थाना क्षेत्र में प्रतिबंध लागू
Kolkata पुलिस आयुक्त अजय नंद द्वारा जारी आदेश के अनुसार, ये प्रतिबंध बोबाजार पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इलाकों में लागू किए गए हैं। इसमें मुख्य रूप से कॉलेज स्ट्रीट, सेंट्रल एवेन्यू (CR एवेन्यू), कूलूटोला स्ट्रीट और ईडन हॉस्पिटल रोड से घिरा हुआ क्षेत्र शामिल है।
इस निषेधाज्ञा के तहत, तय किए गए इलाकों में 5 या उससे अधिक लोगों के गैर-कानूनी रूप से इकट्ठा होने, लाठी या कोई घातक/खतरनाक हथियार ले जाने, और ऐसी कोई भी गतिविधि करने पर रोक है जिससे सार्वजनिक शांति भंग हो सकती है।
आदेश में कहा गया है, “भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 की उप-धारा (1) और उप-धारा (3) के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए, मैं, अजय नंद, पुलिस आयुक्त, कोलकाता (जो Kolkata महानगर क्षेत्र और दक्षिण 24 परगना जिले के कुछ हिस्सों – जो Kolkata पुलिस के अधिकार क्षेत्र में आते हैं – के लिए कार्यकारी मजिस्ट्रेट भी हैं)।
18 अक्टूबर 2026 से 20 अक्टूबर 2026 तक, यानी 3 दिनों के लिए, या अगले आदेश तक, इन इलाकों में 5 या उससे अधिक लोगों के गैर-कानूनी रूप से इकट्ठा होने, लाठी या घातक/खतरनाक हथियार ले जाने, और शांति भंग करने वाली किसी भी गतिविधि पर रोक लगाता हूँ।”
यह आदेश संभावित हिंसक प्रदर्शनों, रैलियों और सभाओं को देखते हुए जारी किया गया है, जिनसे सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा पर असर पड़ सकता है। यह आदेश तीन दिनों तक या अगले आदेश तक लागू रहेगा।
यह घटना Kolkata के चोरबागन सार्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में भारी भीड़ के बीच हुई। घायलों को इलाज के लिए अस्पतालों में पहुँचाया गया, जबकि अधिकारियों ने भगदड़ से जुड़े हालात की जाँच के लिए कदम उठाए।
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