BJP के Prakash Reddy ने EC का बचाव किया, विपक्ष पर निशाना साधा
उन्होंने कहा, "एक विपक्षी दल के तौर पर इस मामले पर चर्चा करना आपका अधिकार है, लेकिन चुनाव प्रणाली, चुनाव प्रक्रिया और चुनाव आयोग पर कीचड़ न उछालें। चुनाव आयोग में काम करने वाले लोग अलग होते हैं।"

बीजेपी नेता Prakash Reddy ने सोमवार को भारत के चुनाव आयोग (ECI) की आलोचना करने पर विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग और उसके कामकाज पर हमला करना लोकतंत्र और संविधान को कमजोर करने जैसा है।
Prakash Reddy ने कहा, “कांग्रेस पार्टी अब ऐसी स्थिति में आ गई है कि वह न तो जनता को एकजुट कर सकती है और न ही लोगों की उम्मीदों को पूरा कर सकती है। इसीलिए वे चुनाव आयोग पर कीचड़ उछाल रहे हैं।
चुनाव आयोग पर कीचड़ उछालने का मतलब है कि वे अप्रत्यक्ष रूप से हमारे लोकतंत्र और संविधान पर भी कीचड़ उछाल रहे हैं।” उन्होंने कहा कि संस्थाओं से ज़्यादा महत्वपूर्ण कोई व्यक्ति नहीं होता और राजनीतिक दलों से संवैधानिक संस्थाओं के कामकाज का सम्मान करने का आग्रह किया।
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Prakash Reddy ने विपक्ष को दी नसीहत- संस्थाओं का सम्मान करें
Prakash Reddy ने कहा, “सिस्टम के लिए हम व्यक्ति महत्वपूर्ण नहीं हैं। सिस्टम और संस्थाएं महत्वपूर्ण हैं। इसलिए जब संस्थाएं काम कर रही हों, तो हमें उनके कामकाज में बाधा नहीं डालनी चाहिए।” Prakash Reddy ने कहा कि विपक्षी दलों को अपनी शिकायतें उठाने का अधिकार है, लेकिन उन्हें चुनावी व्यवस्था या चुनाव आयोग को निशाना नहीं बनाना चाहिए।
Prakash Reddy ने कहा, “एक विपक्षी दल के तौर पर इस मामले पर चर्चा करना आपका अधिकार है, लेकिन चुनाव प्रणाली, चुनाव प्रक्रिया और चुनाव आयोग पर कीचड़ न उछालें। चुनाव आयोग में काम करने वाले लोग अलग होते हैं।”
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट का ज़िक्र करते हुए रेड्डी ने कहा कि राहुल गांधी और दूसरे नेताओं की इस पर प्रतिक्रिया “लोकतंत्र में सही नहीं है”। उन्होंने आगे कहा, “इंडियन एक्सप्रेस की खबर सिर्फ़ एक अंदाज़ा है। और कल, देश के लोगों ने देखा कि चुनाव आयोग कैसे काम करता है।
तीनों चुनाव आयुक्तों के पास बराबर अधिकार हैं, और लोग समझ रहे हैं कि चुनाव आयोग क्या है।” उन्होंने कांग्रेस पर तंज़ कसते हुए कहा, “कांग्रेस पार्टी का शुक्रिया कि देश के पढ़े-लिखे लोग अब समझ रहे हैं कि चुनाव आयोग क्या है। इससे भविष्य में लोकतंत्र निश्चित रूप से मज़बूत होगा।”
Prakash Reddy ने कहा कि ECI लोगों की उम्मीदों के मुताबिक काम कर रहा है।उन्होंने कहा, “चुनाव आयोग को लोकतंत्र की रक्षा के लिए देश के लोगों की उम्मीदों के मुताबिक काम करना चाहिए और वह ऐसा कर भी रहा है। भारत के लोग लोकतंत्र के बहुत बड़े समर्थक हैं।
उन्होंने 1977 के चुनावों में यह साबित भी किया था और भविष्य में भी ऐसा ही होता रहेगा।” बीजेपी नेता का यह बयान विपक्षी दलों की ओर से ECI के कामकाज और वोटर लिस्ट के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविजन’ (SIR) की आलोचना के बीच आया है।
‘इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीनों के दौरान SIR प्रोसेस और चुनाव से जुड़े दूसरे मामलों पर लिए गए फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार आपत्ति जताई थी।
SIR विवाद के बीच Anurag Thakur का विपक्ष पर बड़ा आरोप
Voter List और फॉर्म 6 विवाद पर EC ने दी सफाई
इन असहमतियों में फॉर्म 6, वोटरों के नाम हटाने और वोटर लिस्ट के डेटाबेस तक पहुंच से जुड़े मुद्दे शामिल थे।हालांकि, चुनाव आयोग ने इस सुझाव को खारिज कर दिया कि सामने आई आपत्तियां अंतिम फैसलों पर संस्थागत असहमति थीं।
चुनाव आयोग ने कहा कि ड्राफ्ट स्टेज के दौरान उठाए गए ऑपरेशनल सवाल, इनपुट और सुझाव उसकी सामान्य प्रशासनिक और निर्णय लेने की प्रक्रिया का हिस्सा थे।
चुनाव आयोग ने कहा कि आयोग द्वारा लिए गए सभी फैसले, जिनमें SIR से संबंधित फैसले भी शामिल हैं, सर्वसम्मति से लिए गए थे और उन्हें तीनों आयुक्तों की मंजूरी प्राप्त थी।
इस बीच, कांग्रेस, CPI, CPI(M), तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना (UBT) सहित विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेंद्र कुमार के इस्तीफे की मांग की है।
CPI(ML) लिबरेशन के जनरल सेक्रेटरी दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा है कि SIR प्रक्रिया और चुनाव आयोग (EC) के कामकाज पर चर्चा करने के लिए 30 सितंबर को INDIA गठबंधन की बैठक होने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी आग्रह किया है कि बैठक सिर्फ़ गठबंधन के सहयोगियों तक ही सीमित न रहे।
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