PM Modi और BRICS नेताओं की स्वास्थ्य प्रतिबद्धता पर WHO प्रमुख ने जताया आभार
घेब्रेयेसस ने पोस्ट किया, "प्रधानमंत्री @narendramodi, 2026 के #BRICS दिल्ली शिखर सम्मेलन में गर्मजोशी से स्वागत के लिए धन्यवाद। मैं @WHO और बहुपक्षवाद के लिए ब्रिक्स नेताओं के मजबूत समर्थन की बहुत सराहना करता हूं।

भारत की अध्यक्षता में हुए BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान हुई एक बैठक के बाद, रविवार को PM Modi के प्रति WHO के महानिदेशक टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयेसस ने आभार व्यक्त किया।
घेब्रेयेसस और संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने PM Modi से मुलाकात की। ‘X’ पर एक पोस्ट शेयर करते हुए, WHO के महानिदेशक ने संगठन के लिए ब्रिक्स नेताओं के समर्थन और ‘नई दिल्ली घोषणा’ में सभी के लिए स्वास्थ्य कवरेज (यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज) के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की सराहना की।
Table of Contents
WHO प्रमुख ने PM Modi को किया धन्यवाद
घेब्रेयेसस ने पोस्ट किया, “प्रधानमंत्री @narendramodi, 2026 के #BRICS दिल्ली शिखर सम्मेलन में गर्मजोशी से स्वागत के लिए धन्यवाद। मैं @WHO और बहुपक्षवाद के लिए ब्रिक्स नेताओं के मजबूत समर्थन की बहुत सराहना करता हूं।
साथ ही, घोषणा में दिखाई गई उन प्रतिबद्धताओं की भी सराहना करता हूं जिनमें सभी के लिए स्वास्थ्य कवरेज, मजबूत स्वास्थ्य प्रणालियां, महामारी समझौते के ‘पैथोजन एक्सेस एंड बेनिफिट शेयरिंग एनेक्स’ पर बातचीत का सफल समापन, #EndTB (टीबी खत्म करने) के प्रयास, स्वास्थ्य कार्यबल को मजबूत करना, डिजिटल स्वास्थ्य, पारंपरिक चिकित्सा को शामिल करना और #HealthForAll (सभी के लिए स्वास्थ्य) सुनिश्चित करना शामिल है।”
नई दिल्ली घोषणापत्र में, ब्रिक्स देशों ने ग्लोबल हेल्थ पहलों में सहयोग को और मज़बूत करने का स्वागत किया और मज़बूत, समावेशी और लोगों पर केंद्रित तरीकों से सभी के लिए स्वास्थ्य कवरेज (यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज) को आगे बढ़ाने के अपने संकल्प को दोहराया।
देशों ने इस बात पर ज़ोर दिया कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में बहुपक्षीय सहयोग को बनाए रखा जाना चाहिए और उसे मज़बूत किया जाना चाहिए, साथ ही विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की अहम समन्वयकारी भूमिका को भी रेखांकित किया।
PM Modi के साथ Malaysia-Ethiopia ने रक्षा सहयोग बढ़ाने पर जताई सहमति
देशों के संप्रभु अधिकारों की पुष्टि
देशों के अपने जैविक संसाधनों पर संप्रभु अधिकारों और कानून बनाने व लागू करने (जिसमें राष्ट्रीय स्तर पर एक्सेस और लाभ-साझाकरण कानून शामिल हैं) के संप्रभु अधिकारों की पुष्टि करते हुए।
ब्रिक्स देशों ने WHO महामारी समझौते के ‘पैथोजन एक्सेस एंड बेनिफिट-शेयरिंग’ (PABS) एनेक्स पर बातचीत में रचनात्मक जुड़ाव जारी रखने को प्रोत्साहित किया, ताकि एक सुरक्षित, न्यायसंगत, पारदर्शी और प्रभावी बहुपक्षीय ढांचा तैयार किया जा सके।
चंडीगढ़ में आयोजित 16वीं ब्रिक्स स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक के बाद, ब्रिक्स देशों ने तपेदिक (टीबी) को एक गंभीर वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती माना है, जिसके लिए समन्वित कार्रवाई, अनुसंधान में निरंतर निवेश और आपसी सीख व नवाचार के लिए प्रभावी तंत्र की आवश्यकता है।
देशों ने बड़े पैमाने पर फैलने वाली संक्रामक बीमारियों की रोकथाम और उनसे निपटने के लिए ‘ब्रिक्स इंटीग्रेटेड अर्ली वार्निंग सिस्टम’ को आगे बढ़ाने के मकसद से एक समर्पित उप-कार्य समूह (सब-वर्किंग ग्रुप) के गठन और उसके कार्य-दायरे (टर्म्स ऑफ़ रेफरेंस) का भी स्वागत किया।
अन्य ख़बरों के लिए यहाँ क्लिक करें



