CM Yogi ने Lucknow University में 5वें Gomti Book Festival का किया उद्घाटन
उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि देश के भविष्य की नींव गांवों और गलियों से ही शुरू होती है। CM Yogi ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में देश के भविष्य की नींव मज़बूत करने के लिए कदम उठाए थे।

उत्तर प्रदेश के CM Yogi Adityanath ने शनिवार को लखनऊ यूनिवर्सिटी में 5वें गोमती बुक फेस्टिवल-2026 का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम से पहले, शिक्षा मंत्रालय की मुख्य संस्था ‘नेशनल बुक ट्रस्ट’ ने घोषणा की थी।
CM Yogi Adityanath मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे और उन्होंने किताब प्रेमियों, साहित्य के शौकीनों और संस्कृति के संरक्षकों को इस खास मौके पर शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था।
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नौ दिन चलेगा गोमती बुक फेस्टिवल
नौ दिन तक चलने वाला गोमती बुक फेस्टिवल 12 सितंबर को शुरू हुआ और 20 सितंबर तक चलेगा। इसमें सभी उम्र के लोगों के लिए अलग-अलग तरह के साहित्य का बड़ा कलेक्शन दिखाया जा रहा है। देश भर के 120 से ज़्यादा पब्लिशर्स ने कार्यक्रम स्थल पर 200 से ज़्यादा स्टॉल लगाए हैं।
नेशनल बुक ट्रस्ट (NBT) के अनुसार, इस फेस्टिवल में लिटरेरी सेशन, लेखकों के साथ बातचीत, पैनल डिस्कशन, बुक लॉन्च, सांस्कृतिक कार्यक्रम और बच्चों के लिए एक्टिविटीज़ होंगी।
आने वाले लोग ‘राष्ट्रीय ई-पुस्तकालय’ (भारत की नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी) का भी इस्तेमाल कर सकेंगे, जिसमें कई तरह की कैटेगरी और भारतीय भाषाओं की 3,000 से ज़्यादा ई-बुक्स मुफ़्त में उपलब्ध हैं।
इससे पहले, 9 सितंबर को वाराणसी के रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आयोजित 9वें राष्ट्रीय पोषण माह कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी और बेबी रानी मौर्य शामिल हुए थे।
वाराणसी में 9वें राष्ट्रीय पोषण माह की शुरुआत के मौके पर उत्तर प्रदेश के CM Yogi Adityanath ने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्र और बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूल आत्मनिर्भर और विकसित भारत बनाने के मुख्य केंद्र बनेंगे।
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CM Yogi ने गांवों को बताया आधार
उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि देश के भविष्य की नींव गांवों और गलियों से ही शुरू होती है। CM Yogi ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में देश के भविष्य की नींव मज़बूत करने के लिए कदम उठाए थे।
यह कदम उस मॉडल पर आधारित थे जिसे मोदी ने 2001 में गुजरात का मुख्यमंत्री रहते हुए अपनाया था। उत्तर प्रदेश के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले आंगनवाड़ी केंद्र जर्जर हालत में थे।
उन्होंने बताया कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में 70,000 से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों का नवीनीकरण किया गया है। CM Yogi ने कहा कि राज्य और केंद्रीय वित्त आयोगों के तहत बजट आवंटन में आंगनवाड़ी केंद्रों को प्राथमिकता दी गई है।
उन्होंने कहा कि अब इन केंद्रों पर बाल वाटिकाएं चल रही हैं, जहां बच्चे खेल-खेल में अक्षर और अंक सीखते हैं। 2017 से पहले आंगनवाड़ी केंद्रों की स्थिति को याद करते हुए CM Yogi ने कहा कि कई केंद्रों में पीने के पानी, शौचालय और गर्म पका हुआ भोजन जैसी सुविधाओं का अभाव था, जबकि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को मानदेय में देरी के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 2017 में यह पता चलने के बाद कि उत्तर प्रदेश में आंगनवाड़ी केंद्रों को शराब माफिया द्वारा सामग्री की आपूर्ति की जा रही थी, जांच के आदेश दिए गए और आपूर्ति की गई सामग्री की गुणवत्ता की जांच की गई।
CM Yogi ने कहा कि इस वर्ष के राष्ट्रीय पोषण माह की थीम, “मेरी आंगनवाड़ी, मेरी जिम्मेदारी!”, को केवल सरकार की जिम्मेदारी के रूप में नहीं, बल्कि प्रत्येक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, ग्राम पंचायत और नागरिक की जिम्मेदारी के रूप में देखा जाना चाहिए।
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