PM Modi का NGT सम्मेलन में बड़ा संदेश, जलवायु चुनौतियों पर भारत की पहल

भारत G-20 का एकमात्र ऐसा देश है जिसने पेरिस में COP-21 शिखर सम्मेलन में किए गए वादों को तय समय से पहले ही पूरा करके दिखाया है।" उन्होंने आगे कहा, "हम रिन्यूएबल एनर्जी पर ध्यान दे रहे हैं।

PM Modi ने शनिवार को कहा कि भारत सदियों से प्रकृति और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर दुनिया का मार्गदर्शन करता रहा है और अब आधुनिक जलवायु चुनौतियों का समाधान खोजने की दिशा में काम कर रहा है।

PM Modi ने नई दिल्ली में ‘पर्यावरण और जलवायु गतिशीलता का भविष्य’ (The Future of Environment and Climate Dynamics) विषय पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान NGT मोबाइल ऐप लॉन्च किया।

PM Modi ने उत्सर्जन पर कही बात

उन्होंने यह भी कहा कि कार्बन उत्सर्जन के लिए अक्सर विकासशील देशों को गलत तरीके से दोषी ठहराया जाता है, और कहा कि भारत का प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन वैश्विक औसत से आधे से भी कम है।

कॉन्फ़्रेंस को संबोधित करते हुए PM Modi ने कहा, “प्रकृति और पर्यावरण के मामले में, सदियों से भारत ने एक तरह से दुनिया का मार्गदर्शन किया है। उसी वैचारिक प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए और अपने समृद्ध सांस्कृतिक अनुभवों को आधार बनाते हुए, भारत अब आधुनिक जलवायु चुनौतियों का समाधान दे रहा है…”

उन्होंने कहा, “अक्सर, कार्बन उत्सर्जन की ज़िम्मेदारी गलत तरीके से विकासशील देशों पर डाल दी जाती है। आज यहां ‘ग्लोबल साउथ’ के मेरे कई सहयोगी और मित्र मौजूद हैं। हालांकि, ऐतिहासिक सच्चाई यह है कि आज भी, प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन में भारत का योगदान वैश्विक औसत से आधे से भी कम है।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित देशों में प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन भारत की तुलना में छह गुना अधिक है, और ज़ोर देकर कहा कि देश ने वैश्विक मंचों पर लगातार इस बात को उठाया है।

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भारत से छह गुना अधिक उत्सर्जन

उन्होंने कहा, “विकसित देशों में प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन भारत की तुलना में छह गुना अधिक है। भारत ने वैश्विक मंचों पर लगातार और पूरे विश्वास के साथ यह बात रखी है, और मैं हर भारतीय से आग्रह करता हूं कि वे भी वैसा ही संकल्प दिखाएं।”

PM Modi ने कहा कि भारत ने पिछले 12 सालों में पर्यावरण के क्षेत्र में काफी तरक्की की है, जिसमें रिन्यूएबल एनर्जी और तय समय से पहले जलवायु से जुड़े वादों को पूरा करने पर खास ध्यान दिया गया है।

उन्होंने कहा कि भारत रिन्यूएबल एनर्जी पर ध्यान दे रहा है और उसने पेरिस (COP-21) जलवायु वादों को तय समय से पहले ही पूरा कर लिया है। उन्होंने नॉन-फॉसिल फ्यूल क्षमता और सोलर एनर्जी जैसे क्षेत्रों में देश की प्रगति का ज़िक्र किया।

PM Modi ने कहा, “पिछले 12 सालों में, भारत ने पर्यावरण से जुड़े हर क्षेत्र में असाधारण प्रगति की है। हमारा मुख्य ध्यान रिन्यूएबल एनर्जी पर रहा है और इसने पर्यावरण संरक्षण में अहम भूमिका निभाई है।

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भारत ने COP-21 के वादे पूरे किए

भारत G-20 का एकमात्र ऐसा देश है जिसने पेरिस में COP-21 शिखर सम्मेलन में किए गए वादों को तय समय से पहले ही पूरा करके दिखाया है।” उन्होंने आगे कहा, “हम रिन्यूएबल एनर्जी पर ध्यान दे रहे हैं।

हम G20 में एकमात्र ऐसे देश हैं जिसने अपने पेरिस (COP 21) वादों को तय समय से काफी पहले ही पूरा कर लिया है। यह नए भारत की ताकत है। नॉन-फॉसिल फ्यूल, सोलर एनर्जी क्षमता, कार्बन उत्सर्जन में कमी… इन सभी पैमानों पर भारत के प्रदर्शन की चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है।”

यह दो दिवसीय सम्मेलन नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा 19 और 20 सितंबर को आयोजित किया जा रहा है। यह सम्मेलन पर्यावरण और जलवायु से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित है और इसमें न्यायिक, सरकारी और कानूनी क्षेत्र के लोग शामिल हो रहे हैं।

उद्घाटन सत्र में भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्य कांत, केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव, अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी और NGT के चेयरपर्सन जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव भी शामिल हुए।

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