उत्तराखंड में पावर प्रोजेक्ट दस्तावेज़ लीक, Pawan Khera बोले- Congress को मिले अहम कागजात
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी भी पहले यह दावा कर चुके हैं कि उन्हें सरकारी अधिकारियों के ज़रिए अंदरूनी जानकारी मिलती रही है। Pawan Khera ने पूछा, आपको क्या लगता है कि ये कागज़ हमें किसने दिए?" उन्होंने कहा कि ये दस्तावेज़ अधिकारियों ने ही उपलब्ध कराए थे।

कांग्रेस सांसद Pawan Khera ने गुरुवार को उत्तराखंड सरकार पर प्रस्तावित 1,320 मेगावाट के थर्मल पावर प्रोजेक्ट को लेकर कई आरोप लगाए। उन्होंने यह सनसनीखेज दावा भी किया कि पावर प्रोजेक्ट से जुड़े अहम दस्तावेज़ विपक्षी पार्टी को लीक कर दिए गए थे।
इस बात से उत्तराखंड के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में बेचैनी फैल गई और यह सवाल उठने लगे कि ये दस्तावेज़ विपक्षी पार्टी तक कैसे पहुँचे।
यहाँ AICC हेडक्वार्टर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, खेरा ने थर्मल पावर प्रोजेक्ट से जुड़े कई दस्तावेज़ सार्वजनिक किए। उन्होंने यह भी दावा किया कि ये दस्तावेज़ सरकारी अधिकारियों ने ही लीक किए थे।
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Pawan Khera बोले, अधिकारियों ने दिए दस्तावेज़
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी भी पहले यह दावा कर चुके हैं कि उन्हें सरकारी अधिकारियों के ज़रिए अंदरूनी जानकारी मिलती रही है।
Pawan Khera ने पूछा, आपको क्या लगता है कि ये कागज़ हमें किसने दिए?” उन्होंने कहा कि ये दस्तावेज़ अधिकारियों ने ही उपलब्ध कराए थे।
उन्होंने आगे कहा कि चुनावों से पहले कुछ अधिकारियों की “ज़मीर जाग जाती है”, जबकि कुछ अन्य अधिकारियों को चिंता तो हो सकती है, लेकिन उनमें आवाज़ उठाने की हिम्मत नहीं होती।
पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए खेरा ने कहा कि कांग्रेस “सड़कों पर यह लड़ाई लड़ेगी और चुनाव जीतेगी” और अगर सत्ता में आई, तो अपने कामों से एक मिसाल कायम करेगी।
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कांग्रेस ने दिखाए लीक दस्तावेज़
कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में वे दस्तावेज़ प्रमुखता से दिखाए, जिनके बारे में उनका दावा था कि वे राज्य के सरकारी तंत्र (ब्यूरोक्रेसी) से लीक हुए थे। प्रस्तावित थर्मल पावर प्रोजेक्ट को एक अहम राजनीतिक मुद्दा बनाकर और नौकरशाही के भीतर “लीक” का आरोप लगाकर, Pawan Khera ने बहस का रुख राज्य प्रशासन के कामकाज की ओर भी मोड़ दिया है।
अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या बीजेपी सरकार के तहत नौकरशाही में आपसी मतभेद हैं और क्या कथित प्रशासनिक खींचतान पुष्कर सिंह धामी सरकार तक पहुँच गई है।
Pawan Khera के अनुसार, 1,320 मेगावाट के थर्मल पावर प्रोजेक्ट को शुरू में “UJVNL और THDC” के संयुक्त उपक्रम (जॉइंट वेंचर) के ज़रिए विकसित करने की योजना थी। उन्होंने दावा किया कि जुलाई 2024 में केंद्र से इस प्रोजेक्ट के लिए सैद्धांतिक मंज़ूरी मिल गई थी।
कांग्रेस का आरोप है कि बाद में समय-सीमा को लेकर चिंताओं का हवाला देते हुए PSU के नेतृत्व वाले इस प्रोजेक्ट को रद्द कर दिया गया, जिसके बाद बिजली की खरीद के लिए एक नया तरीका अपनाया गया।
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