BRICS Business Forum में Jaishankar का बड़ा बयान
विदेश मंत्री ने कहा, "जब हमारे नेता बैठक की तैयारी कर रहे हैं, तो इस फ़ोरम का सबसे उपयोगी योगदान ब्रिक्स के अगले चरण के लिए एक स्पष्ट व्यावसायिक दृष्टिकोण लाना होगा।"

विदेश मंत्री एस. Jaishankar ने शुक्रवार को भारत के बड़े और बढ़ते बाज़ार, बढ़ती मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और मज़बूत टैलेंट पूल का ज़िक्र करते हुए कहा कि देश ब्रिक्स (BRICS) आर्थिक सहयोग के अगले चरण में अहम योगदान दे सकता है।
ब्रिक्स बिज़नेस फ़ोरम को संबोधित करते हुए Jaishankar ने कहा कि भारत मैन्युफैक्चरिंग क्षमता, डिजिटल अनुभव और एक गतिशील इनोवेशन व उद्यमिता इकोसिस्टम का मिश्रण लेकर आता है।
Jaishankar ने कहा, “भारत एक बड़ा और बढ़ता बाज़ार, बढ़ती मैन्युफैक्चरिंग क्षमता, टैलेंट का बड़ा पूल, डिजिटल अनुभव और एक गतिशील इनोवेशन व उद्यमिता आधार लेकर आता है।”
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BRICS के अगले चरण पर Jaishankar
उन्होंने कहा कि जब ब्रिक्स नेता बैठक की तैयारी कर रहे हैं, तो यह बिज़नेस फ़ोरम एक अहम भूमिका निभा सकता है। उन्होंने समूह के अगले चरण के लिए एक स्पष्ट व्यावसायिक दृष्टिकोण लाने का आह्वान किया।
विदेश मंत्री ने कहा, “जब हमारे नेता बैठक की तैयारी कर रहे हैं, तो इस फ़ोरम का सबसे उपयोगी योगदान ब्रिक्स के अगले चरण के लिए एक स्पष्ट व्यावसायिक दृष्टिकोण लाना होगा।”
ब्रिक्स बिज़नेस फ़ोरम, प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी के लिए इस समूह का मुख्य प्लेटफ़ॉर्म है। यह हर साल ब्रिक्स समिट की मेज़बानी करने वाले देश में, नेताओं की बैठक से ठीक पहले आयोजित किया जाता है।
इसमें जाने-माने बिज़नेस प्रतिनिधि, सरकारी मंत्री और राष्ट्राध्यक्ष एक साथ आते हैं और व्यापार, निवेश, फ़ाइनेंस, टेक्नोलॉजी और सस्टेनेबल इकोनॉमिक डेवलपमेंट जैसे मुद्दों पर अपने विचार साझा करते हैं, जो ब्रिक्स के एजेंडे पर असर डालते हैं।
यह फ़ोरम समूह की आर्थिक प्राथमिकताओं को तय करने में सीधे तौर पर योगदान देता है। यह ब्रिक्स बिज़नेस काउंसिल द्वारा तैयार किए गए नज़रिए और सुझावों को पेश करने और इन प्रस्तावों पर नीति-निर्माताओं के साथ चर्चा करने का एक ज़रिया देता है।
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व्यापार और निवेश को बढ़ावा
फ़ोरम के नतीजों और काउंसिल के सुझावों के आधार पर अक्सर ब्रिक्स समिट के घोषणा-पत्र और बाद के कार्यक्रमों को तैयार किया जाता है। इनमें ब्रिक्स देशों के बीच आपसी व्यापार, निवेश, डिजिटल इकोनॉमी, MSME, स्टैंडर्ड्स में सहयोग और वैल्यू चेन इंटीग्रेशन को बढ़ाने वाली पहलें शामिल होती हैं।
ब्रिक्स समिट का मुख्य कार्यक्रम 12 सितंबर को शुरू होगा। इसमें नेता भारत की अध्यक्षता की पहलों और ब्रिक्स की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे।
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का फोकस व्यापार, डिजिटल टेक्नोलॉजी, फाइनेंस, एनर्जी सिक्योरिटी और ग्लोबल गवर्नेंस में सुधार जैसे क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने पर रहा है।
सितंबर में होने वाले इस समिट में मजबूत ग्लोबल सप्लाई चेन, क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट इंटीग्रेशन, राष्ट्रीय मुद्राओं के अधिक इस्तेमाल, MSME के विकास, डिजिटल व्यापार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
एनर्जी सिक्योरिटी, क्लाइमेट रेजिलिएंस, डेवलपमेंट फाइनेंस, न्यू डेवलपमेंट बैंक का विस्तार और मल्टीलेटरल फाइनेंशियल व पॉलिटिकल संस्थाओं में सुधार भी चर्चा के मुख्य विषय होंगे।
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