PM Modi पर Jairam Ramesh का हमला, वोटिंग अधिकार को लेकर साधा निशाना

ज्ञानेश कुमार को भारत के प्रधानमंत्री ने चुना था, किसी कमतर व्यक्ति ने नहीं। उन्हें अमित शाह ने चुना था। और अब दो चुनाव आयुक्त कह रहे हैं कि मिस्टर ज्ञानेश कुमार ही उस गड़बड़ी और हमारी वोटिंग सिस्टम को हुए नुकसान के लिए जिम्मेदार हैं।"

शुक्रवार को सीनियर कांग्रेस सांसद Jairam Ramesh ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने वोटर लिस्ट के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविजन’ (SIR) को लेकर चल रहे विवाद के बीच मोदी के कार्यकाल की तुलना पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के कार्यकाल से की।

‘X’ पर एक पोस्ट में Jairam Ramesh ने राजीव गांधी सरकार को याद किया और उन्हें एक ऐसे प्रधानमंत्री के तौर पर बताया जिन्होंने युवाओं को सशक्त बनाया। उन्होंने बताया कि दिसंबर 1988 में संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान संविधान के अनुच्छेद 326 में संशोधन करके वोट देने की न्यूनतम उम्र 21 साल से घटाकर 18 साल कर दी गई थी।

21 से घटाकर 18 हुई वोटिंग उम्र

Jairam Ramesh ने लिखा, “यह दो प्रधानमंत्रियों की कहानी है। एक प्रधानमंत्री ने दिसंबर 1988 में संसद के नियमित शीतकालीन सत्र में संविधान के अनुच्छेद 326 में संशोधन करवाकर वोट देने की न्यूनतम उम्र 21 साल से घटाकर 18 साल कर दी थी।

ये ऐसे प्रधानमंत्री थे जिन्होंने युवाओं को सशक्त बनाया।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए रमेश ने आरोप लगाया कि 2024 से वोटर लिस्ट के ‘स्पेशल समरी रिविज़न’ (SIR) को रोक दिया गया है और दावा किया कि इससे ‘जेन Z’ (Gen Z) के योग्य वोटर लिस्ट में शामिल नहीं हो पा रहे हैं।

उन्होंने कहा, “एक और प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने यह पक्का किया है कि 2024 से वोटर लिस्ट का ‘स्पेशल समरी रिविज़न’ रोक दिया जाए, ताकि ‘जेन Z’ के वोटर लिस्ट में शामिल न हो सकें। यह ऐसे प्रधानमंत्री हैं जो युवाओं से डरते हैं, क्योंकि उन्होंने उनकी उम्मीदों और सपनों को तोड़ दिया है।”

Jairam Ramesh ने आगे कहा, “एक प्रधानमंत्री ने ‘जेन Z’ को वोट का अधिकार दिया; दूसरे इसे गलत तरीकों से छीनने पर तुले हुए हैं।” उनका यह बयान ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की एक जांच रिपोर्ट के बीच आया है, जिसमें कहा गया था कि दो चुनाव आयुक्तों – सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी – ने SIR प्रक्रिया में गड़बड़ियों को लेकर कड़ी आपत्ति जताई थी।

इससे पहले, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सवाल उठाया था कि सत्ता-विरोधी लहर (anti-incumbency) का जो आम ट्रेंड भारत में हर राजनीतिक दल पर असर डालता रहा है, वह सत्ताधारी BJP के मामले में रहस्यमय तरीके से कैसे गायब हो जाता है।

SIR विवाद में Dilip Ghosh ने चुनाव आयोग का बचाव किया

Jairam Ramesh का चुनावी धांधली पर हमला

Jairam Ramesh ने कहा, “भारत के चुनाव, लोकसभा चुनाव, 2024 के चुनाव, विधानसभा चुनाव – सबमें धांधली हो रही है। इस लिस्ट में सबसे ऊपर वे लोग हैं जिन्हें हम साजिशकर्ता कहते हैं।

वैसे, मिस्टर ज्ञानेश कुमार – जो वहां बैठे हैं – दो चुनाव आयुक्त उस व्यक्ति पर सवाल उठा रहे हैं। मैं सवाल उठाता रहा हूं; उन सवालों को नजरअंदाज कर दिया गया।

भारत के लोगों ने उन पर यकीन किया। लेकिन भारत के संस्थागत ढांचे को इसमें कोई दिलचस्पी नहीं थी। लेकिन अब, दो चुनाव आयुक्त – जिन्हें खुद लीडरशिप ने चुना है – सवाल उठा रहे हैं।

ज्ञानेश कुमार को भारत के प्रधानमंत्री ने चुना था, किसी कमतर व्यक्ति ने नहीं। उन्हें अमित शाह ने चुना था। और अब दो चुनाव आयुक्त कह रहे हैं कि मिस्टर ज्ञानेश कुमार ही उस गड़बड़ी और हमारी वोटिंग सिस्टम को हुए नुकसान के लिए जिम्मेदार हैं।”

राहुल गांधी और कांग्रेस ने SIR को लेकर लगातार ECI पर निशाना साधा है और आरोप लगाया है कि 2025 के बिहार विधानसभा चुनावों के बाद से वोट की चोरी हो रही है।

अन्य ख़बरों के लिए यहाँ क्लिक करें

Related Articles

Back to top button