महंगाई को लेकर Jairam Ramesh का PM Modi से सवाल

कंज्यूमर फूड प्राइस इंडेक्स (CFPI) से मापी जाने वाली खाद्य महंगाई दर जुलाई के 5.52 प्रतिशत से बढ़कर अगस्त में 5.95 प्रतिशत हो गई। अगस्त के आंकड़े अभी शुरुआती हैं।

सोमवार को कांग्रेस सांसद Jairam Ramesh ने बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार से सवाल किया और पूछा, “प्रधानमंत्री देश की सबसे बड़ी चिंता—महंगाई—पर कब बात करेंगे?” सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में भारत की खुदरा महंगाई दर बढ़कर 4.82 प्रतिशत हो गई, जबकि खाद्य महंगाई दर 5.95 प्रतिशत तक पहुंच गई।

Jairam Ramesh ने ‘X’ पर एक पोस्ट में कहा कि “त्योहारी सीजन के दौरान जनता को लूटने का सिलसिला बेरोकटोक जारी है” और दावा किया कि महंगाई का असर अब सिर्फ़ रसोई के खर्च तक ही सीमित नहीं रहा है।

Jairam Ramesh का महंगाई पर सवाल

उन्होंने कहा, “महंगाई की मार अब सिर्फ़ रसोई तक सीमित नहीं है, फिर भी प्रधानमंत्री बेफिक्र होकर अपनी ही तारीफों के पुल बांध रहे हैं।” Jairam Ramesh ने कहा, “सब्जियां दिन-ब-दिन महंगी होती जा रही हैं, अगस्त में प्याज की कीमतें 48.27% तक बढ़ गईं।

एयर कंडीशनर, टीवी और रेफ्रिजरेटर जैसी चीजों की कीमतें भी बढ़ने वाली हैं। घरों की बचत लगातार कम हो रही है, जबकि परिवारों पर कर्ज बढ़ रहा है। ऐसे हालात में, एक आम परिवार अपनी ज़रूरतें कैसे पूरी करेगा?”

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोगों से जुड़ने के तरीके पर भी सवाल उठाए और पूछा कि सरकार महंगाई और परिवारों की चिंताओं पर कब बात करेगी।

उन्होंने कहा, “अपने ‘मन की बात’ रेडियो कार्यक्रम में प्रधानमंत्री अलग-अलग मुद्दों पर उपदेश देते रहते हैं, लेकिन देश की सबसे बड़ी चिंता—महंगाई—पर वे कब बात करेंगे? वे जनता की चिंताओं की परवाह कब करेंगे? जनता पहले से ही बढ़ती कीमतों से परेशान है और सरकार की तरफ से कोई राहत नहीं मिल रही है।

आखिर एक आम परिवार अपना बजट कैसे संभालेगा? मध्यम वर्ग और गरीबों की कमर कब तक ऐसे ही टूटती रहेगी?” सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) के आंकड़ों के अनुसार, 2024=100 CPI पर आधारित खुदरा महंगाई दर अगस्त 2026 में 4.82 प्रतिशत रही, जो जुलाई में 4.45 प्रतिशत थी।

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CFPI के मुताबिक बढ़ी खाद्य महंगाई

कंज्यूमर फूड प्राइस इंडेक्स (CFPI) से मापी जाने वाली खाद्य महंगाई दर जुलाई के 5.52 प्रतिशत से बढ़कर अगस्त में 5.95 प्रतिशत हो गई। अगस्त के आंकड़े अभी शुरुआती हैं।

Jairam Ramesh ने खास तौर पर सब्जियों की कीमतों में बढ़ोतरी का ज़िक्र किया और प्याज की महंगाई का हवाला दिया, जो अगस्त में बढ़कर 48.27 प्रतिशत हो गई थी।

सरकारी आंकड़ों से पता चला कि प्याज की महंगाई जुलाई में 22.54 प्रतिशत से तेज़ी से बढ़कर अगस्त में 48.27 प्रतिशत हो गई। अदरक की महंगाई दर 73.82 प्रतिशत रही, जबकि लहसुन की महंगाई दर 43.60 प्रतिशत थी।

वहीं, टमाटर की कीमतों में साल-दर-साल 31.09 प्रतिशत की गिरावट आई और आलू की कीमतें 13.14 प्रतिशत कम हुईं। MoSPI के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में खाने-पीने की चीज़ों की श्रेणी में महंगाई दर 5.66 प्रतिशत रही।

ट्रांसपोर्ट में महंगाई 4.60 प्रतिशत, शिक्षा सेवाओं में 3.73 प्रतिशत रही, जबकि रेस्तरां और रहने-ठहरने की सेवाओं में महंगाई 8.38 प्रतिशत दर्ज की गई। पर्सनल केयर, सोशल प्रोटेक्शन और अन्य सामान व सेवाओं में महंगाई दर 15.17 प्रतिशत रही।

CPI के आंकड़े देश भर के 1,407 शहरी बाज़ारों (ऑनलाइन बाज़ारों सहित) और 1,465 गांवों से इकट्ठा की गई कीमतों की जानकारी से तैयार किए गए थे। MoSPI ने बताया कि अगस्त में ग्रामीण और शहरी दोनों बाज़ारों में रिस्पॉन्स रेट 100 प्रतिशत रहा। MoSPI के अनुसार, सितंबर 2026 के लिए CPI के अगले आंकड़े 12 अक्टूबर को जारी किए जाएंगे।

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