SIR विवाद के बीच Anurag Thakur का विपक्ष पर बड़ा आरोप
ये बयान चुनाव आयोग के कामकाज और वोटर लिस्ट की SIR प्रक्रिया को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच आए हैं, जब विपक्षी दलों ने इस पर सवाल उठाए और CEC ज्ञानेश कुमार से जवाबदेही की मांग की।

27 सितंबर (ANI): BJP सांसद Anurag Thakur ने रविवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर लगाए गए आरोपों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग (EC) की विस्तृत सफाई से मामला साफ हो गया है।
Anurag Thakur ने विपक्ष के नेताओं पर बिना किसी सबूत के जनता को गुमराह करने और संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया।
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Anurag Thakur का विपक्ष पर हमला
Anurag Thakur ने पत्रकारों से कहा, “चुनाव आयोग ने एक विस्तृत प्रेस नोट जारी कर सब कुछ साफ कर दिया है। राहुल गांधी और विपक्ष के कुछ नेता जनता को गुमराह करने और बेबुनियाद आरोपों के ज़रिए अपनी चुनावी हार को छिपाने की कोशिश कर रहे हैं।
वे बिना किसी सबूत के संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने की कोशिश कर रहे हैं।” उत्तर प्रदेश के मंत्री दानिश आज़ाद अंसारी ने SIR प्रक्रिया का बचाव करते हुए कहा कि चुनाव आयोग ने चुनावी प्रक्रिया को मज़बूत करने के लिए कदम उठाए हैं।
अंसारी ने “चुनाव आयोग ने भारत की चुनावी प्रक्रिया, लोकतंत्र और संवैधानिक ढांचे को मज़बूत करने के लिए कई सकारात्मक और पारदर्शी कदम उठाए हैं। SIR के ज़रिए वोटर लिस्ट की समीक्षा और सुधार किया गया है, जिससे मेरी नज़र में हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था और मज़बूत होगी।”
Anurag Thakur ने आगे कहा, “मुझे लगता है कि राहुल गांधी इसलिए परेशान हैं क्योंकि जनता जागरूक है और उसे गुमराह नहीं किया जा रहा है।”इस बीच, कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण पर सवाल उठाए और SIR प्रक्रिया के दौरान कथित तौर पर उठाई गई आपत्तियों के बारे में जानकारी मांगी।
अल्वी ने “चुनाव आयोग को उन आपत्तियों पर स्पष्टीकरण देना चाहिए जो पिछले 10 महीनों में उठाई गई थीं। यह स्पष्ट करें कि क्या मुख्य चुनाव आयुक्त को भेजी गई असहमति वाली टिप्पणियां गलत हैं?” उन्होंने आरोप लगाया, “चुनाव आयोग दबाव और नियंत्रण में है।”
CEC विवाद पर Anurag Thakur का पलटवार, विपक्ष की आलोचना को किया खारिज
SIR विवाद में CEC से जवाब की मांग
ये बयान चुनाव आयोग के कामकाज और वोटर लिस्ट की SIR प्रक्रिया को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच आए हैं, जब विपक्षी दलों ने इस पर सवाल उठाए और CEC ज्ञानेश कुमार से जवाबदेही की मांग की।
यह विवाद तब और बढ़ गया जब एक रिपोर्ट में कहा गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने SIR प्रक्रिया से जुड़े फैसलों और तरीकों पर कई बार आपत्ति जताई थी।
कांग्रेस, CPI, CPI(M), तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना (UBT) समेत विपक्षी दलों ने CEC के इस्तीफे की मांग की है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी चुनाव आयोग से जुड़ी एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कुमार पर “चुनाव में मैच-फिक्सिंग” का आरोप लगाया था।
हालांकि, भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने इन आरोपों को खारिज कर दिया और कहा कि मतदाता सूची के SIR के शेड्यूल से जुड़े सभी फैसले “आयोग की सर्वसम्मत मंजूरी” से लिए गए थे। ECI का कहना है कि SIR प्रक्रिया तय प्रक्रियाओं के अनुसार की गई थी और इससे जुड़े फैसले आयोग के सभी सदस्यों की मंजूरी से लिए गए थे।
चुनाव आयोग ने बताया कि 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए SIR शेड्यूल 27 अक्टूबर, 2025 को जारी किया गया था, जबकि 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए शेड्यूल 14 मई, 2026 को आयोग की सर्वसम्मत मंजूरी से जारी किया गया था। ECI ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए SIR से संबंधित 24 जून, 2025 का आदेश सर्वसम्मति से मंजूर किया गया था।
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