Jairam Ramesh ने चुनाव आयोग पर वोट चोरी को बढ़ावा देने का आरोप लगाया

Jairam Ramesh ने आगे आरोप लगाया कि जब भी "वोट चोरी" का मामला सामने आता है, तो मोदी सरकार कोई नया पैंतरा अपना लेती है। रमेश ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेंद्र कुमार पर प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया।

कांग्रेस नेता Jairam Ramesh ने रविवार को भारत निर्वाचन आयोग (ECI) पर राजनीतिक दलों को आठ साल तक ‘सर्च करने योग्य’ (सर्च करने की सुविधा वाली) मतदाता सूची न देकर “वोट चोरी” में मदद करने का आरोप लगाया। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) को तुरंत निलंबित करने की मांग की।

‘X’ (ट्विटर) पर एक पोस्ट में Jairam Ramesh ने लिखा, “पिछले दो वर्षों से, लोकसभा में विपक्ष के नेता श्री राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी लगातार यह मांग कर रहे हैं कि भारत निर्वाचन आयोग सभी राजनीतिक दलों को ‘सर्च करने योग्य’ प्रारूप में मतदाता सूची उपलब्ध कराए। ECI ने बार-बार इस मांग को ठुकरा दिया।

सर्च योग्य सूची बंद करने पर सवाल

ECI ने 2018 में ‘सर्च करने योग्य’ मतदाता सूची देना बंद कर दिया था, जब कांग्रेस को मध्य प्रदेश में लाखों फर्जी मतदाता मिले थे। ‘वोट चोरी’ को संभव बनाने के लिए ही 8 वर्षों तक इस मांग को नहीं माना गया।”

ECI के आदेश का जिक्र करते हुए Jairam Ramesh ने लिखा, “15 अक्टूबर 2026 को, ECI ने एक आदेश जारी किया कि ‘विशेष सारांश पुनरीक्षण’ (SSR) के लिए राजनीतिक दलों को ‘सर्च करने योग्य’ प्रारूप में मतदाता सूची दी जाएगी।

यह प्रक्रिया 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में दो साल के अंतराल के बाद फिर से शुरू की गई है। ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि पूरा देश ‘वोट चोरों’ के खिलाफ सड़कों पर उतर आया है।”

इससे पहले, गुरुवार को भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मतदाता सूचियों का ‘विशेष सारांश पुनरीक्षण’ (SSR) करने का निर्देश दिया, जिसमें 1 जनवरी 2027 को पात्रता तिथि (qualifying date) के रूप में तय किया गया है।

Jairam Ramesh ने SIR प्रक्रिया को लेकर Amit Shah से 3 सवाल पूछे

Jairam Ramesh का मोदी सरकार पर आरोप

Jairam Ramesh ने आगे आरोप लगाया कि जब भी “वोट चोरी” का मामला सामने आता है, तो मोदी सरकार कोई नया पैंतरा अपना लेती है। रमेश ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेंद्र कुमार पर प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया।

उन्होंने आगे कहा, “हर बार जब ‘वोट चोरी’ पकड़ी जाती है, तो मोदी सरकार कोई नया पैंतरा अपनाती है—जैसे मतदाता सूचियों को पढ़ने लायक न छोड़ना, फर्जी मतदाताओं को जोड़ना, या SSR (विशेष सारांश पुनरीक्षण) का सहारा लेना।

लेकिन इस बार ऐसा नहीं चलेगा। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेंद्र कुमार को कोई नहीं बचा सकता; उन्होंने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के निर्देशों पर काम करते हुए ECI (चुनाव आयोग) के प्रति जनता के भरोसे और विश्वास को पूरी तरह खत्म कर दिया है।

उन्हें पद से हटना ही होगा। लेकिन सिर्फ इतना ही काफी नहीं है। ECI और उसके IT सिस्टम, दोनों में आमूल-चूल बदलाव की जरूरत है। SSR, जिसने 13 करोड़ से अधिक भारतीयों के संवैधानिक मताधिकार को खतरे में डाल दिया है, उसे तुरंत निलंबित किया जाना चाहिए।”

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