Jairam Ramesh ने SIR प्रक्रिया को लेकर Amit Shah से 3 सवाल पूछे

केंद्रीय गृह मंत्री पर और निशाना साधते हुए रमेश ने सवाल किया कि क्या सरकार असली वोटरों को विदेशी नागरिक मानती है। कांग्रेस नेता ने सवाल किया, "असल बात यह है कि 'शाह के कहने पर हटाए जाने' (SIR) की योजना बनाने वाले बार-बार घुसपैठियों का मुद्दा उठाते हैं

कांग्रेस नेता Jairam Ramesh ने बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर आरोप लगाया कि वे बड़े पैमाने पर लोगों के वोटिंग अधिकार छीनने की बात से ध्यान भटकाने के लिए ‘घुसपैठियों’ का मुद्दा उठा रहे हैं। उन्होंने ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविजन’ (SIR) प्रक्रिया को “शाह द्वारा शुरू किया गया नाम हटाने का अभियान” (Shah Instigated Removal) करार दिया।


इस प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर तीन सीधे सवाल पूछते हुए Jairam Ramesh ने ‘X’ पर एक पोस्ट में कहा, “SIR का बचाव करने वाले केंद्रीय गृह मंत्री से तीन बहुत ही सरल और स्पष्ट सवाल हैं:

1. कितने घुसपैठियों की पहचान की गई? 2. कितने घुसपैठियों के नाम हटाए गए? 3. कितने घुसपैठियों को वापस भेजा गया? 100 करोड़ भारतीयों को SIR प्रक्रिया से गुजरना पड़ा है। उन्हें इसके नतीजे जानने का हक है।”

SIR विवाद: Jairam Ramesh ने सरकार से मांगा जवाब

केंद्रीय गृह मंत्री पर और निशाना साधते हुए Jairam Ramesh ने सवाल किया कि क्या सरकार असली वोटरों को विदेशी नागरिक मानती है। कांग्रेस नेता Jairam Ramesh ने सवाल किया, “असल बात यह है कि ‘शाह के कहने पर हटाए जाने’ (SIR) की योजना बनाने वाले बार-बार घुसपैठियों का मुद्दा उठाते हैं

ताकि लोगों का ध्यान इस सच्चाई से हटाया जा सके कि ‘बेताब जोड़ी’ (Desperate Duo) ने लगभग 14 करोड़ भारतीयों से उनका वोट देने का संवैधानिक अधिकार छीन लिया है। क्या वह यह कहना चाहते हैं कि ये 14 करोड़ भारतीय घुसपैठिए हैं? क्या गृह मंत्री के तौर पर उन्होंने घुसपैठियों की संख्या में हुई इस भारी बढ़ोतरी को देखा है?”

समाजवादी पार्टी (SP) के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी सोशल मीडिया पर कथित “चुनावी धोखाधड़ी” के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया और नागरिकों से लोकतंत्र तथा संवैधानिक सुरक्षा उपायों की रक्षा के लिए एक साथ मिलकर ढाल बनने की अपील की।

एक भारत, एक आवाज़’ के संदेश पर आधारित X (ट्विटर) पर एक कवितानुमा पोस्ट में, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि लोकतंत्र के कमज़ोर होने के खिलाफ संघर्ष का सीधा संबंध हाशिए पर मौजूद समुदायों के अधिकारों, आरक्षण की सुरक्षा और सामाजिक समानता से है।

NV Subhash ने कहा कि CEC के खिलाफ Rahul Gandhi का विरोध एक राजनीतिक ड्रामा है।

‘लोकतंत्र की ढाल बनें’—Akhilesh Yadav का संदेश

यादव ने लिखा, “‘राष्ट्र’ के लिए सब एकजुट हों… ‘चुनावी धोखाधड़ी’ के खिलाफ, ‘लोकतंत्र’ की ढाल बनकर, संविधान और आरक्षण की रक्षा के लिए… आइए, सभी तरह के ‘अन्याय और उत्पीड़न’ को खत्म करें।”

SP प्रमुख ने आर्थिक और सामाजिक न्याय की भी वकालत की और कहा कि देश की सामूहिक आवाज़ को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी को आजीविका मिले, युवाओं की आकांक्षाएं पूरी हों, महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान बना रहे, और जातिगत भेदभाव खत्म हो, ताकि शोषित और वंचित लोगों को उनका वाजिब संवैधानिक हक मिल सके।

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