CM Yogi की मौजूदगी में Varanasi में Nutrition Month कार्यक्रम

इनमें आंगनवाड़ी प्रबंधन समितियों के गठन के लिए भी दिशानिर्देश दिए गए हैं। इन्हीं सुधारों को आगे बढ़ाते हुए, 'पोषण माह 2026' पाँच आपस में जुड़े विषयों पर केंद्रित होगा।

उत्तर प्रदेश के CM Yogi आदित्यनाथ, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी और बेबी रानी मौर्य बुधवार को वाराणसी के रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में 9वें राष्ट्रीय पोषण माह कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं।

इस कार्यक्रम के लिए कन्वेंशन सेंटर में हज़ारों आंगनवाड़ी कार्यकर्ता इकट्ठा हुई हैं और CM Yogi आदित्यनाथ उन्हें संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम के दौरान, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी महीने भर चलने वाले अभियान का उद्घाटन करेंगी।

उद्घाटन समारोह में केंद्र सरकार, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वरिष्ठ अधिकारी, विकास सहयोगी, ज़मीनी स्तर के कार्यकर्ता और लाभार्थी शामिल होंगे।

पोषण अभियान का मकसद हुआ स्पष्ट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत की नींव के तौर पर एक सुपोषित भारत बनाने के विज़न से प्रेरित होकर, 2018 में ‘पोषण अभियान’ शुरू किया गया था। इसका मकसद राष्ट्रीय विकास एजेंडा में पोषण को मुख्य स्थान देना था।

हर साल सितंबर में मनाया जाने वाला ‘राष्ट्रीय पोषण माह’ अब एक जन-आंदोलन बन गया है। यह महिलाओं, बच्चों और किशोरों के बीच पोषण, स्वास्थ्य और देखभाल की आदतों को बेहतर बनाने के लिए समुदायों को एकजुट करता है।

इस अभियान का नौवां संस्करण “हमारी आंगनवाड़ी, हमारी ज़िम्मेदारी” थीम के साथ पोषण की इस यात्रा को आगे बढ़ा रहा है। यह हर नागरिक से आंगनवाड़ी केंद्र की सामूहिक ज़िम्मेदारी लेने का आह्वान करता है, जो देश के बच्चों के लिए पोषण, स्वास्थ्य, देखभाल और शुरुआती शिक्षा का पहला केंद्र है।

इस साल का अभियान ‘मिशन सक्षम आंगनवाड़ी’ और ‘पोषण 2.0’ के तहत बदले हुए ‘सप्लीमेंट्री न्यूट्रिशन प्रोग्राम’ (SNP) दिशानिर्देशों से और मज़बूत होगा। ये दिशानिर्देश पहली बार ‘गरमा-गरम पका हुआ भोजन’ (hot cooked meals) को परिभाषित करते हैं और SNP मेनू बोर्ड लगाना ज़रूरी बनाते हैं।

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आंगनवाड़ी में पोषण व्यंजनों का लाइव प्रदर्शन

इनमें आंगनवाड़ी प्रबंधन समितियों के गठन के लिए भी दिशानिर्देश दिए गए हैं। इन्हीं सुधारों को आगे बढ़ाते हुए, ‘पोषण माह 2026’ पाँच आपस में जुड़े विषयों पर केंद्रित होगा।

पहले विषय – ‘आहार में विविधता और पर्याप्त प्रोटीन’ – के तहत, आंगनवाड़ी केंद्र सभी खाद्य समूहों से सस्ती और स्थानीय रूप से उपलब्ध सामग्री का उपयोग करके स्वस्थ व्यंजनों का लाइव प्रदर्शन करेंगे।

साथ ही, पोषण मेले और ‘प्रोटीन-युक्त खाद्य पदार्थ’ अभियान संतुलित आहार को बढ़ावा देंगे और रोज़ाना के भोजन में पौधों और जानवरों से मिलने वाले प्रोटीन को शामिल करने के व्यावहारिक तरीके बताएंगे।

इससे निकटता से जुड़ा दूसरा विषय – ‘आंगनवाड़ी केंद्रों पर ताज़ा गरमा-गरम पका हुआ भोजन’ – राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मोटे अनाज (मिलेट्स), दालों और मौसमी सब्ज़ियों का उपयोग करके साप्ताहिक मेनू रोटेशन लागू करने के लिए प्रोत्साहित करेगा।

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