BJP ने युवा संपर्क और भागीदारी बढ़ाने पर किया मंथन
कुछ लोगों ने यह भी सुझाव दिया कि "Gen Z" शब्द का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करने के बजाय, पार्टी को "युवा" जैसे शब्दों का इस्तेमाल करना चाहिए या जहाँ भी सही हो, खास उम्र के समूहों का ज़िक्र करना चाहिए।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने देश के युवाओं से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने देश भर से बुलाए गए 45 चुने हुए युवा पार्टी नेताओं के साथ बातचीत की।
सूत्रों के मुताबिक, बैठक का मुख्य मकसद समाज के अलग-अलग वर्गों के युवाओं के साथ पार्टी के संवाद, जुड़ाव और भागीदारी को मज़बूत करना था।
बैठक में शामिल लोगों से उनके विचार और सुझाव मांगे गए कि BJP युवाओं के साथ कैसे ज़्यादा सार्थक और लंबे समय तक चलने वाला संबंध बना सकती है।
खबरों के अनुसार, कई प्रतिभागियों ने इस बात पर ज़ोर दिया कि युवाओं को एक ही तरह के या एक जैसे समूह के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
उन्होंने सुझाव दिया कि युवाओं के अलग-अलग समूहों की उम्मीदें, चिंताएं और प्राथमिकताएं अलग-अलग हो सकती हैं, इसलिए पार्टी को उनसे जुड़ते समय अलग-अलग तरीके अपनाने चाहिए।
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BJP को ‘Gen Z’ के बजाय ‘युवा’ शब्द के इस्तेमाल का सुझाव
कुछ लोगों ने यह भी सुझाव दिया कि “Gen Z” शब्द का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करने के बजाय, पार्टी को “युवा” जैसे शब्दों का इस्तेमाल करना चाहिए या जहाँ भी सही हो, खास उम्र के समूहों का ज़िक्र करना चाहिए।
बातचीत के दौरान एक अहम बात यह उठी कि दोनों तरफ़ से बातचीत (टू-वे कम्युनिकेशन) होनी चाहिए। एक व्यक्ति ने इस बात पर ज़ोर दिया कि जब भी पार्टी के नेता युवाओं से बात करें, तो बातचीत सिर्फ़ पार्टी के अपने विचारों को बताने तक ही सीमित नहीं होनी चाहिए।
नेताओं को युवाओं की चिंताओं, उम्मीदों और सुझावों को भी सुनना चाहिए और उनकी भागीदारी के लिए ज़्यादा मौके बनाने चाहिए। एक व्यक्ति ने इस बात पर भी ज़ोर दिया
कि युवा वोटरों तक पहुँचने की कोशिशों में पार्टी के पुराने और लंबे समय से साथ दे रहे समर्थकों को ऐसा न लगे कि उन्हें नज़रअंदाज़ किया जा रहा है या उनकी अनदेखी हो रही है। अलग-अलग उम्र के समूहों के साथ जुड़ाव बढ़ाते समय संतुलन बनाए रखने की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया गया।
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कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने पर दिया जोर
एक और सुझाव यह था कि युवाओं के साथ बातचीत बढ़ाना तो ज़रूरी है ही, साथ ही पार्टी के कैडर और ज़मीनी स्तर के कार्यकर्ताओं के उत्साह और आत्मविश्वास को मज़बूत करने पर भी उतना ही ध्यान दिया जाना चाहिए। प्रतिभागियों ने पार्टी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं के भरोसे और आत्मविश्वास को और मज़बूत करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।
बैठक में शामिल एक केंद्रीय मंत्री ने भी कहा कि कई मुद्दे समय के साथ हल होते हैं और लगातार कोशिशों से चीज़ें धीरे-धीरे ठीक हो जाती हैं।सूत्रों के मुताबिक, यह बातचीत सिर्फ़ एक बार की कवायद नहीं होगी। आज की बातचीत में शामिल हुए 45 नेताओं के साथ आगे भी बैठकें की जाएंगी।
सभी प्रतिभागियों से कहा गया है कि वे अगले सात से आठ दिनों के भीतर अपने-अपने टीम लीडर्स को अपने विस्तृत सुझाव सौंप दें। इन 45 लीडर्स से मिले सुझावों को बाद में एक साथ किया जाएगा और पार्टी के कार्यक्रमों व जन-संपर्क पहलों के ज़रिए उन्हें लागू करने पर विचार किया जाएगा।
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