Sanjay Raut ने सुप्रीम कोर्ट में Rahul Gandhi के कदम का समर्थन किया, कहा – न्याय की जीत होगी

उन्होंने कहा, "देश का सुप्रीम कोर्ट सबसे बड़ी संवैधानिक संस्था है। जब न्याय के सभी दरवाजे बंद हो जाते हैं - चाहे वह चुनाव आयोग हो, राज्यपाल हों या कोई अन्य संस्था - तो अंत में हम सुप्रीम कोर्ट का रुख करते हैं और न्याय की गुहार लगाते हैं।"

Sanjay Raut (शिवसेना UBT), जो मतदाता सूची के ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) से जुड़ी कानूनी चुनौती में शामिल हैं, ने कहा है कि न्याय चाहने वालों के लिए सुप्रीम कोर्ट ही आखिरी उम्मीद है। साथ ही, उन्होंने कहा कि अगर उनकी किसी बात या हरकत को अनुचित माना जाता है, तो वे सुप्रीम कोर्ट से माफी मांगने के लिए तैयार हैं।

इन खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए कि सुप्रीम कोर्ट इस याचिका और इसे दायर करने के हालात से नाखुश है, उन्होंने कहा कि जब अन्य संस्थाएं राहत देने में विफल रहती हैं, तो अदालत का दरवाजा खटखटाना एक संवैधानिक उपाय है।

सुप्रीम कोर्ट से न्याय की उम्मीद, बोले Sanjay Raut

Sanjay Raut ने कहा, “देश का सुप्रीम कोर्ट सबसे बड़ी संवैधानिक संस्था है। जब न्याय के सभी दरवाजे बंद हो जाते हैं – चाहे वह चुनाव आयोग हो, राज्यपाल हों या कोई अन्य संस्था – तो अंत में हम सुप्रीम कोर्ट का रुख करते हैं और न्याय की गुहार लगाते हैं।”

सर्वोच्च न्यायालय को “उम्मीद की आखिरी किरण” बताते हुए, उन्होंने कहा कि SIR प्रक्रिया और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर याचिकाएं दायर की गई हैं। उन्होंने उन लोगों की चिंताओं का भी जिक्र किया, जिनके नाम कथित तौर पर मतदाता सूची से हटा दिए गए थे।

Sanjay Raut ने कहा, “अगर सर्वोच्च न्यायालय को लगता है कि हमसे कोई गलती हुई है, तो उसे इस पर ध्यान देने का पूरा अधिकार है। अगर मेरे बारे में ऐसी कोई धारणा है, तो मुझे खेद है। सर्वोच्च न्यायालय से माफी मांगने में मुझे कोई संकोच नहीं है।”

इस बात पर जोर देते हुए कि मुख्य उद्देश्य न्याय पाना है, उन्होंने आगे कहा, “हमें न्याय चाहिए। देश को न्याय चाहिए।”उन्होंने आगे कहा कि वे माफ़ी मांगने के लिए तैयार हैं, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा करना न्यायपालिका की एक अहम ज़िम्मेदारी है।

उन्होंने कहा, “मैं आपसे 10 बार माफ़ी मांगता हूँ, लेकिन इस देश और इसके लोकतंत्र को बचाना आपकी ज़िम्मेदारी है। हम आख़िर तक आपसे न्याय की गुहार लगाते रहेंगे।”

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‘Rahul Gnadhi के मार्च का मकसद न्याय की गुहार था’

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में निकाले गए मार्च का मक़सद बताते हुए उन्होंने कहा, “जब राहुल गांधी जी के नेतृत्व में लाखों लोग सुप्रीम कोर्ट के दरवाज़े पर पहुँचे, तो उनका एकमात्र उद्देश्य यही था कि आप ही उम्मीद की आख़िरी किरण हैं।”

उन्होंने न्यायपालिका में अपना भरोसा जताते हुए अपनी बात ख़त्म की और कहा कि अगर लोग न्याय के लिए सुप्रीम कोर्ट की ओर नहीं देख सकते, तो फिर उनके पास जाने के लिए कोई और जगह नहीं बचेगी।

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