Ayodhya राम मंदिर चंदा चोरी पर Jairam Ramesh का बड़ा दावा, 105 बार हुई घटना
Jairam Ramesh ने आगे आरोप लगाया कि चार्जशीट दाखिल करने में देरी एक सोची-समझी चाल है, जिसका मकसद मुख्य आरोपियों को बचाना और जनता का ध्यान भटकाना है। यह समझना मुश्किल नहीं है कि चार्जशीट दाखिल करने में देरी क्यों हो रही है। इसका मकसद मुख्य चोरों और उन्हें बचाने वालों से ध्यान हटाना है।"

सीनियर कांग्रेस सांसद Jairam Ramesh ने मंगलवार को कुछ अख़बारों की रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि अयोध्या राम मंदिर में दान की चोरी की घटनाएं मंदिर के CCTV कैमरों में 70 बार नहीं, बल्कि कम से कम 105 बार रिकॉर्ड हुईं।
X पर एक पोस्ट में,Jairam Ramesh ने इस बात पर ज़ोर दिया कि स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की जांच के तीन महीने पूरे होने में सिर्फ़ तीन दिन बचे हैं, लेकिन मुख्य साज़िशकर्ताओं के ख़िलाफ़ अभी तक कोई चार्जशीट दाखिल नहीं की गई है, जिससे उनके लिए ज़मानत पाने का रास्ता साफ़ हो रहा है।
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राम मंदिर चोरी पर सवाल
उन्होंने कहा, “अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी की जांच के तीन महीने पूरे होने में सिर्फ़ तीन दिन बचे हैं; फिर भी, शर्म की बात है कि आरोपियों के ख़िलाफ़ अब तक कोई चार्जशीट दाखिल नहीं की गई है।
अगर 25 सितंबर तक चार्जशीट दाखिल नहीं की जाती है, तो दान की चोरी के इस देश के सबसे शर्मनाक मामले में शामिल छोटे-मोटे आरोपियों के लिए ज़मानत पाने का रास्ता साफ़ हो जाएगा।”
Jairam Ramesh ने आगे कहा कि जनता को न तो SIT पर और न ही सरकार की किसी चार्जशीट पर भरोसा है, क्योंकि उन पर “बड़े लोगों” (big fish) को बचाने का शक है।
उन्होंने कहा, “हम यह साफ़ कर दें: जनता को ऐसी SIT या सरकार की किसी भी चार्जशीट पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं है, जहाँ यह शक बना हुआ हो कि ‘बड़े लोगों’ को बचाया जा रहा है।”
उन्होंने ज़ोर देकर कहा, “जो लोग कभी कहते थे कि रिपोर्ट करने लायक कुछ नहीं है, वे अब अपनी ही जाँच में यह देख रहे हैं कि दान की चोरी की घटनाएँ CCTV में सिर्फ़ 70 बार नहीं, बल्कि 105 बार रिकॉर्ड हुई हैं – ऐसे तथ्य जिनसे वे चाहकर भी इनकार नहीं कर सकते।”
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Jairam Ramesh का बड़ा आरोप
Jairam Ramesh ने आगे आरोप लगाया कि चार्जशीट दाखिल करने में देरी एक सोची-समझी चाल है, जिसका मकसद मुख्य आरोपियों को बचाना और जनता का ध्यान भटकाना है। यह समझना मुश्किल नहीं है कि चार्जशीट दाखिल करने में देरी क्यों हो रही है। इसका मकसद मुख्य चोरों और उन्हें बचाने वालों से ध्यान हटाना है।”
राजनीतिक जवाबदेही, संस्थागत निगरानी और जाँच के तरीके को लेकर गंभीर चिंता जताते हुए Jairam Ramesh ने कहा कि सवाल उठ रहे हैं कि अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की इस सुनियोजित चोरी के पीछे के मास्टरमाइंड को कौन बचा रहा है।
उन्होंने कहा कि इस गंभीर मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी और चोरी में शामिल आरोपियों को दी जा रही मदद को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं।
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उन्होंने पूछा, “जनता के सीधे और साफ़ सवाल हैं: इस मामले में शामिल ‘बड़ी मछलियों’ के ख़िलाफ़ अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई? उनसे कड़ी पूछताछ कब होगी? असली दोषियों को बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में होने वाली जांच से कौन बचना चाहता है और क्यों? ट्रस्ट को अब तक भंग क्यों नहीं किया गया है?”
Jairam Ramesh ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाए और कहा कि जो लोग मंदिर ट्रस्ट के कामकाज का श्रेय लेते हैं, उन्हें भगवान राम के नाम पर लाखों भक्तों द्वारा दिए गए चढ़ावे की चोरी की ज़िम्मेदारी भी लेनी चाहिए।
उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री, याद रखें: देश की आस्था से जुड़े इस गंभीर मामले पर अपनी चुप्पी के लिए आपको जवाब देना होगा।” उन्होंने कहा कि कांग्रेस पूरी तरह से पारदर्शी जांच और पूरे सिस्टम का फ़ोरेंसिक ऑडिट चाहती है, और इसके बाद ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की मांग करती है।
उन्होंने आगे कहा, “मोदी जी, चढ़ावा भगवान श्री राम के नाम पर दिया गया था। जो लोग मैनेजमेंट और मैनेजरों के चयन का श्रेय लेते रहे हैं, उन्हें दान की इस चोरी की ज़िम्मेदारी भी लेनी चाहिए।”
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