महंगाई को लेकर Jairam Ramesh ने BJP पर साधा निशाना
महंगाई बढ़ती जा रही है, वोट चोरी को लेकर जनता का गुस्सा बढ़ता जा रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री चुपचाप बैठे हैं। अब उनके लिए अपना बोरिया-बिस्तर समेटकर जाने का समय आ गया है।"

कांग्रेस के महासचिव (कम्युनिकेशन्स) Jairam Ramesh ने मंगलवार को बढ़ती महंगाई को लेकर नरेंद्र मोदी सरकार पर फिर से हमला बोला और दावा किया कि खाने-पीने की लगभग हर चीज़ की कीमतें “सारी हदें पार कर चुकी हैं”।
Jairam Ramesh ने ‘X’ पर पोस्ट किया, “वोट की चोरी ही सच है। कमरतोड़ महंगाई ही हकीकत है।” उन्होंने कहा कि भले ही खबरों में सितंबर में खुदरा महंगाई दर 5.54 प्रतिशत बताई जा रही है, लेकिन “असली बात यह है कि खाने-पीने की चीज़ों की महंगाई दर 7.74 प्रतिशत तक पहुँच गई है”।
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महंगाई से रसोई का बजट बिगड़ा
Jairam Ramesh ने कहा कि खाने-पीने की लगभग हर चीज़ की कीमतें तेज़ी से बढ़ी हैं; उन्होंने प्याज (108 प्रतिशत बढ़ोतरी), लहसुन (55 प्रतिशत), अदरक (63 प्रतिशत) और नींबू (36 प्रतिशत) का उदाहरण दिया।
उन्होंने कहा, “सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, खुदरा महंगाई मार्च में 3.40 प्रतिशत से लगातार बढ़कर सितंबर में 5.54 प्रतिशत हो गई है, जो पिछले 23 महीनों में सबसे ज़्यादा है।”
Jairam Ramesh ने कहा कि इसका असर सिर्फ़ खाने-पीने की चीज़ों तक ही सीमित नहीं है। उन्होंने कहा, “महंगाई का असर सिर्फ़ खाने की थाली तक ही सीमित नहीं है। ट्रांसपोर्ट, शिक्षा, कपड़े, जूते और घर का सामान जैसी ज़रूरी चीज़ें भी महंगी होती जा रही हैं।”
कांग्रेस नेता ने आगे कहा, “गरीबों की थाली से रोज़ की रोटी छिन रही है, मध्यम वर्ग की बचत उनकी जेब से गायब हो रही है और कर्ज़ का बोझ बढ़ता जा रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री अहंकार में डूबे हुए हैं और लोगों की परेशानियों पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।”
केंद्र सरकार के “अच्छे दिन” के वादे पर निशाना साधते हुए रमेश ने कहा, “जो सरकार ‘अच्छे दिन’ का वादा करके सत्ता में आई थी, वह न सिर्फ़ वोट चुरा रही है, बल्कि लोगों की बचत भी लूट रही है।”
Jairam Ramesh ने कहा, “जब वोट चुराने वाली सरकार को लोगों के गुस्से या वोट खोने का कोई डर ही नहीं है, तो वह जनता की परवाह क्यों करेगी? अभी ठीक यही हो रहा है।
महंगाई को लेकर Jairam Ramesh का PM Modi से सवाल
Jairam Ramesh ने Modi को घेरा
महंगाई बढ़ती जा रही है, वोट चोरी को लेकर जनता का गुस्सा बढ़ता जा रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री चुपचाप बैठे हैं। अब उनके लिए अपना बोरिया-बिस्तर समेटकर जाने का समय आ गया है।”
यह बात इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) की उस रिपोर्ट के बाद सामने आई है जिसमें अनुमान लगाया गया है कि भारत की अर्थव्यवस्था वित्त वर्ष 2027 और 2028 में 7 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी, साथ ही IMF ने चेतावनी भी दी है कि ऊर्जा और खाने-पीने की चीज़ों की बढ़ती कीमतों और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच वैश्विक अर्थव्यवस्था की मज़बूती कमज़ोर होती जा रही है।
IMF ने अपनी अक्टूबर 2026 की ‘वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक’ रिपोर्ट में कहा कि ग्लोबल इकॉनमी मज़बूत बनी हुई है, लेकिन यह मज़बूती अब कमज़ोर और असमान होती जा रही है। रिपोर्ट में 2026 में ग्लोबल ग्रोथ 3.1% और 2027 में 3.4% रहने का अनुमान लगाया गया है।
फंड का अनुमान है कि 2026 में ग्लोबल महंगाई दर बढ़कर 4.7% हो जाएगी, जिसकी मुख्य वजह एनर्जी और खाने-पीने की चीज़ों की बढ़ती कीमतें होंगी; इसके बाद 2027 में यह घटकर 4.1% पर आ जाएगी।
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