CM Yogi ने Amit Shah की अध्यक्षता में Kishau Dam Project बैठक में हिस्सा लिया

बैठक में यह तय किया गया कि किशाऊ मल्टीपर्पज़ डैम प्रोजेक्ट के पानी वाले हिस्से की लागत का 90 प्रतिशत केंद्रीय सहायता के तौर पर केंद्र सरकार उठाएगी, जबकि बाकी 10 प्रतिशत का खर्च इसमें शामिल छह राज्य मिलकर उठाएंगे।

मंगलवार को केंद्रीय गृह Amit Shah की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में शामिल होने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू नई दिल्ली पहुंचे।

हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली के मुख्यमंत्रियों के साथ यह बैठक किशाऊ मल्टीपर्पज डैम प्रोजेक्ट के बारे में है। यह बैठक राष्ट्रीय राजधानी में गृह मंत्रालय के कार्यालय में हाइब्रिड मोड में आयोजित की जाएगी।

मुख्य सचिव भी बैठक में शामिल

इस बैठक में ज़्यादातर मुख्यमंत्रियों के साथ-साथ छह राज्यों के मुख्य सचिव और संबंधित अधिकारी भी व्यक्तिगत रूप से शामिल होंगे। बैठक में केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन समेत MHA के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।

बैठक में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल, केंद्रीय जल संसाधन सचिव, प्रधानमंत्री कार्यालय और जल शक्ति मंत्रालय के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। यह बैठक लगभग तीन महीने बाद हो रही है।

इससे पहले 16 जून को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah की अध्यक्षता में MHA में ऐसी ही एक बैठक हुई थी, जिसमें यमुना नदी के पुनरुद्धार के लिए लंबे समय से लंबित ‘किशाऊ मल्टीपर्पस डैम प्रोजेक्ट’ पर संबंधित राज्यों के बीच सहमति बनी थी।

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Amit Shah की पहल, Kishau Project

केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah की पहल पर, 16 जून को हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान राज्यों ने ‘किशाऊ मल्टीपर्पस प्रोजेक्ट’ को लागू करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर करने पर सहमति जताई थी। पता चला है कि इस प्रोजेक्ट को जल्द ही मंज़ूरी के लिए केंद्रीय कैबिनेट के सामने रखा जाएगा।

बैठक में यह तय किया गया कि किशाऊ मल्टीपर्पज़ डैम प्रोजेक्ट के पानी वाले हिस्से की लागत का 90 प्रतिशत केंद्रीय सहायता के तौर पर केंद्र सरकार उठाएगी, जबकि बाकी 10 प्रतिशत का खर्च इसमें शामिल छह राज्य मिलकर उठाएंगे।

बैठक में इस बात पर भी सहमति बनी कि हिमाचल प्रदेश के बिजली वाले हिस्से की लागत में योगदान के बदले हिमाचल प्रदेश के पानी का हिस्सा दिल्ली और राजस्थान को दिया जाएगा। यह फ़ैसला साफ़ और नई जान पाई यमुना की दिशा में एक अहम मील का पत्थर साबित होगा, जिससे नदी में साफ़ पानी का बहाव बढ़ेगा।

किशाऊ डैम प्रोजेक्ट, यमुना नदी की एक बड़ी सहायक नदी ‘टोंस’ पर बन रहा एक मल्टीपर्पज़ वॉटर स्टोरेज और हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट है। किशाऊ रिज़र्वॉयर में जमा पानी का इस्तेमाल सिंचाई, बिजली बनाने और पीने के पानी की सप्लाई बढ़ाने के लिए किया जाएगा।

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