CEC के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस पर Pawan Khera का केंद्र पर हमला
यह आपत्ति संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत याचिका दायर किए जाने के संदर्भ में उठाई गई है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि वे SIR के दौरान चुनाव आयोग की शक्तियों के इस्तेमाल में कथित अनियमितताओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा रहे हैं।

कांग्रेस सांसद Pawan Khera ने मंगलवार को आरोप लगाया कि सरकार दो चुनाव आयुक्तों को ज्ञानेश कुमार के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के लिए मजबूर करने के मकसद से उन्हें “धमका और ब्लैकमेल” कर रही है।
X पर एक पोस्ट में Pawan Khera ने कहा, “हमें बताया गया है कि सरकार दो चुनाव आयुक्तों को संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के लिए राजी करने के वास्ते धमका और ब्लैकमेल कर रही है। ज़रा ’56’ की हालत तो सोचिए।
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Pawan Khera का केंद्र पर हमला
वह और उनके एजेंट इतने हफ़्तों में भी दो चुनाव आयुक्तों को ज्ञानेश के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के लिए नहीं मना पाए हैं!!! सोमवार को राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA गठबंधन के नेताओं और समर्थकों ने बाराखंभा रोड से सुप्रीम कोर्ट तक मार्च किया। इस दौरान कांग्रेस नेता Pawan Khera भी विपक्ष के साथ रहे।
इसके बाद 11 विपक्षी नेताओं ने मतदाता सूची के SIR से जुड़े चुनाव आयोग के फैसलों को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की।
इस बीच, सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और INDIA ब्लॉक के नौ अन्य नेताओं द्वारा दायर रिट याचिका में 14 कमियां बताई हैं।
यह याचिका भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा मतदाता सूची के ‘विशेष गहन संशोधन’ (SIR) के कुछ पहलुओं को चुनौती देने के लिए दायर की गई थी। याचिकाकर्ताओं में राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद सौगत रॉय, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव, !!
राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव, शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत, CPI(M) के सांसद एम.ए. बेबी, CPI नेता डी. राजा, झारखंड मुक्ति मोर्चा की सांसद महुआ माजी, NCP (SCP) की सांसद सुप्रिया सुले और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के सांसद ई.टी. मोहम्मद बशीर शामिल हैं।
खास बात यह है कि रजिस्ट्री ने याचिकाकर्ताओं से यह स्पष्टीकरण भी मांगा है कि CEC ज्ञानेश कुमार और दो EC – एस.एस. संधू और विवेक जोशी – को रिट याचिका में प्रतिवादी (respondents) के तौर पर क्यों शामिल किया गया है।
SIR विवाद पर Rahul Gandhi का केंद्र पर हमला, PMO पर लगाए आरोप
SIR प्रक्रिया पर कानूनी विवाद
यह आपत्ति संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत याचिका दायर किए जाने के संदर्भ में उठाई गई है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि वे SIR के दौरान चुनाव आयोग की शक्तियों के इस्तेमाल में कथित अनियमितताओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा रहे हैं।
उन्होंने अन्य राहतों के अलावा, उस तरीके की जांच की मांग की है जिससे चुनाव आयोग ने मतदाता सूची संशोधन से जुड़े फैसले लिए और उन्हें लागू किया। बाद में, दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को बताया कि सोमवार को विपक्ष के विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में कई FIR दर्ज की गई हैं।
जिनमें भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा के कथित उल्लंघन के मामले भी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, BNSS की धारा 163 के कथित उल्लंघन के लिए कनॉट प्लेस, तिलक मार्ग, बाराखंभा और मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशनों में FIR दर्ज की गईं
आज, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को अपने आवास पर विपक्षी सांसदों को ‘हाई टी’ (चाय-नाश्ते) के लिए आमंत्रित किया है। यह निमंत्रण INDIA ब्लॉक के नेताओं और समर्थकों द्वारा मतदाता सूची के ‘विशेष गहन संशोधन’ (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च करने के एक दिन बाद दिया गया है।
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