Abhijeet Dipke पर मैरी मिलबेन के बयान से सियासी घमासान, Congress ने BJP को घेरा
X पर अपनी पोस्ट में Abhijeet Dipke ने कहा, "मोदी अपने ही देशवासियों को बदनाम करने के लिए अमेरिकियों का समर्थन क्यों मांग रहे हैं? भारत के आंतरिक मामलों में दखल देने का अधिकार विदेशी नागरिकों को किसने दिया? हम अपने मुद्दों को खुद सुलझाने में पूरी तरह सक्षम हैं।

कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने गुरुवार को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के कार्यकर्ता Abhijeet Dipke पर अमेरिकी गायिका मैरी मिलबेन की टिप्पणी को भाजपा की एक “पुरानी चाल” बताया।
वहीं, तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने आरोप लगाया कि भारत को अस्थिर करने के लिए CJP को विदेशी फंडिंग मिल रही है। दिल्ली में प्रमोद तिवारी ने कहा, “यह प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा की एक पुरानी चाल है।
जब भी कोई आंदोलन होता है, तो वे इस तरह के बयान दिलवाते हैं। क्या उन्होंने ऐसा पहली बार किया है? उन्होंने कई लोगों के साथ ऐसा किया है। जब तक कोई बात प्रमाणित और पूरी तरह से सत्यापित न हो जाए, तब तक हवाई अड्डे पर 1-2 लोगों को भेजकर नारे लगवाने से कुछ नहीं रुकने वाला।”
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Pramod Tiwari बोले, संविधान की रक्षा जरूरी
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने आगे कहा, “यह आंदोलन संविधान को बचाने का आंदोलन है; यह लोकतंत्र को बचाने का आंदोलन है। यह लोकतंत्र, मतदान के अधिकार और हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था के मूल स्वरूप की रक्षा करने के बारे में है।”
प्रमोद तिवारी ने आगे आरोप लगाया कि बीजेपी अपने राजनीतिक इरादों को छिपाने की कोशिश करने के बावजूद उन्हें छिपा नहीं पाई। तिवारी ने कहा, “बीजेपी चाहे कितना भी राजनीतिक धोखा दे, या अपना असली राजनीतिक चेहरा छिपाने की कोशिश करे, अब यह छिपा या दबा नहीं रह सकता।”
इस बीच, हैदराबाद में तेलंगाना बीजेपी अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने आरोप लगाया कि मिलबेन ने CJP को फंडिंग देने में अमेरिकी दानदाताओं की भूमिका का जिक्र किया है। उन्होंने दावा किया कि देश को अस्थिर करने के लिए भारत में विदेशी फंड भेजा जा रहा है।
राव ने बताया, “मैरी मिलबेन ने खुलासा किया है कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) को अमेरिका से फंड मिल रहा है। देश को अस्थिर करने और मोदी के खिलाफ गतिविधियां चलाने के लिए भारत में विदेशी फंड भेजा जा रहा है।”
CAA विरोधी आंदोलन का उदाहरण देते हुए, उन्होंने आरोप लगाया कि शाहीन बाग विरोध प्रदर्शन के दौरान भी ऐसी ही स्थिति बनी थी। उन्होंने दावा किया कि CJP का इस्तेमाल आम आदमी पार्टी (AAP) के एक ‘फ्रंट संगठन’ (मुखौटा संगठन) के रूप में किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया, “हमने ऐसा पहले भी देखा है; CAA आंदोलन के दौरान शाहीन बाग में भी ऐसी ही स्थिति बनी थी, जहां उन्होंने सांप्रदायिक झड़पें करवाई थीं। इस बार भी CJP का इस्तेमाल हो रहा है, जो AAP का एक फ्रंट संगठन है। इससे पता चलता है कि उन्हें जॉर्ज सोरोस सहित विदेशी एजेंसियों से फंड मिल रहा है।”
मिलबेन की ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं, जब मतदाता सूची के ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन चल रहा है।
Rekha Gupta ने INDIA ब्लॉक के SIR विरोध के पीछे राजनीतिक मकसद का आरोप लगाया।
मतदाता सूची पुनरीक्षण पर विवाद
X पर एक पोस्ट में, अमेरिकी गायिका ने दावा किया कि CJP कार्यकर्ता Abhijeet Dipke के अमेरिकी दानदाताओं के साथ संबंध हैं। उन्होंने भारत में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे आंदोलन के बीच, Abhijeet Dipke पर कानून-व्यवस्था को ताक पर रखने का आरोप भी लगाया।
अरे @abhijeet_dipke, सच सबको आज़ाद कर देता है। आपको भी। और सच तो यह है: जब आप सफल नहीं होंगे, तो ये अमेरिकी डोनर्स आपको तुरंत छोड़ देंगे। और आप सफल नहीं होंगे, क्योंकि अराजकता कभी नहीं जीतती।
इसके बजाय, अपनी अमेरिकी शिक्षा और प्रतिभा का इस्तेमाल अच्छे कामों के लिए करें। प्रधानमंत्री @narendramodi के साथ बैठें और भारत को आगे बढ़ाने के लिए एक सकारात्मक आवाज़ बनें। सही काम करने की आपकी हिम्मत का सच आपके अगले कदमों में दिखेगा,” मिलबेन ने लिखा।
उन्होंने Abhijeet Dipke से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ जुड़ने का आग्रह किया और कहा कि प्रधानमंत्री को अमेरिकी समर्थन की कोई ज़रूरत नहीं है, क्योंकि उन्हें भारतीय नागरिकों का पूरा समर्थन हासिल है।
मिलबेन ने कहा, “प्रधानमंत्री को अमेरिकी समर्थन की ज़रूरत नहीं है। उनके पास 1.5 अरब बेहतरीन भारतीय नागरिक हैं जो उनका समर्थन करते हैं। वे पिछले 25 सालों से, यानी 12 साल प्रधानमंत्री के तौर पर और लगातार तीन कार्यकाल से उनका समर्थन कर रहे हैं। और 2029 में भी करेंगे। यही सच है।”
उनकी यह टिप्पणी X पर Abhijeet Dipke की एक पोस्ट के जवाब में आई थी, जिसमें Abhijeet Dipke ने भारत के आंतरिक मामलों में विदेशी नागरिकों की कथित भागीदारी पर सवाल उठाए थे और आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री मोदी अपने ही देशवासियों को बदनाम करने के लिए अमेरिकी समर्थन मांग रहे हैं।
Abhijeet Dipke ने विरोध मार्च से पहले BJP सरकार पर उठाए सवाल
Abhijeet Dipke ने Modi पर साधा निशाना
X पर अपनी पोस्ट में Abhijeet Dipke ने कहा, “मोदी अपने ही देशवासियों को बदनाम करने के लिए अमेरिकियों का समर्थन क्यों मांग रहे हैं? भारत के आंतरिक मामलों में दखल देने का अधिकार विदेशी नागरिकों को किसने दिया? हम अपने मुद्दों को खुद सुलझाने में पूरी तरह सक्षम हैं।
हमें अपने देश के मामलों में बाहरी लोगों के दखल की कोई ज़रूरत नहीं है।” Abhijeet Dipke की पोस्ट में मैरी मिलबेन के एक इंटरव्यू का ज़िक्र था, जिसका शीर्षक था – “अमेरिकी गायिका मैरी मिलबेन ने भारतीय युवाओं से CJP के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने को कहा; आरोप लगाया कि अमेरिकी डोनर्स इस संगठन को फंड दे रहे हैं।”
इस बीच, दिल्ली के मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन स्थित एक विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट अदालत ने बुधवार को CJP के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को 19 अक्टूबर तक, यानी पांच दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
अदालत के आदेश के अनुसार, रिहाई के लिए जरूरी जमानत न दे पाने के कारण इन दोनों को हिरासत में भेज दिया गया। मजिस्ट्रेट ने सार्वजनिक शांति और व्यवस्था बनाए रखने को लेकर भी चिंता जताई।
जांच अधिकारी ने अदालत को बताया कि आरोपियों के कथित कृत्यों के संबंध में संसद मार्ग और कनॉट प्लेस पुलिस स्टेशनों में दो FIR दर्ज की गई हैं। पुलिस के अनुसार, ऐसी जानकारी मिली थी कि दास और रंका के नेतृत्व में CJP के कार्यकर्ता 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर हंगामा कर सकते हैं।
पुलिस का आरोप है कि ये नेता और अन्य कार्यकर्ता JDU कार्यालय परिसर की दीवार फांदकर वहां पहुंचे, नारे लगाए और हंगामा किया अदालत ने पाया कि उसके सामने पेश किए गए सबूतों से इस बात की संभावना है कि ये लोग शांति और व्यवस्था बिगाड़ सकते हैं।
इसलिए आगे की कार्यवाही पूरी होने तक उन्हें हिरासत में रखने का आदेश दिया गया। इस मामले में आगे की पूछताछ के लिए 19 अक्टूबर की तारीख तय की गई है।
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