Punjab में पेपर लीक माफिया चलाने का BJP ने AAP पर लगाया आरोप

उन्होंने इंटरव्यू शॉर्टलिस्टिंग प्रोसेस पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि कमीशन ने स्टैंडर्ड फॉलो नहीं किया। उन्होंने कहा, "न सिर्फ ऐसे कैंडिडेट चुने गए जिनके रोल नंबर रजिस्टर्ड नहीं थे, और न सिर्फ 25 परसेंट सिलेक्शन एक ही सेंटर से आए थे।"

BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने गुरुवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार पर पेपर लीक और चयन रैकेट को संरक्षण देने का आरोप लगाया। उन्होंने हाल ही में घोषित पंजाब सिविल सेवा (PCS) मुख्य परीक्षा के नतीजों पर सवाल उठाए और मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग की।

BJP नेता भंडारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि पंजाब लोक सेवा आयोग (PPSC) ने दो साल से अधिक समय तक नतीजे घोषित नहीं किए, जबकि यह परीक्षा आखिरी बार 2020 में आयोजित हुई थी।

नतीजों में गड़बड़ी का आरोप

उन्होंने आरोप लगाया कि बुधवार रात नतीजों की घोषणा के तुरंत बाद ही इसमें अनियमितताओं, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आने लगे। भंडारी ने कहा, “पंजाब PCS Mains एग्जाम पिछली बार 2020 में हुआ था, और पंजाब पब्लिक सर्विस कमीशन ने दो साल से ज़्यादा समय से इसके रिज़ल्ट घोषित नहीं किए थे।

अब यह बात सामने आई है कि जिन कैंडिडेट्स के रोल नंबर एग्जाम में बैठने के लिए रजिस्टर्ड भी नहीं थे, उन्हें चुन लिया गया है। पंजाब PCS Mains के रिज़ल्ट कल रात घोषित किए गए। रिज़ल्ट घोषित होने के तुरंत बाद, गड़बड़ियों, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए।”

BJP नेता भंडारी ने कहा कि यह मुद्दा पंजाब और उसके युवाओं के भविष्य से जुड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार पेपर लीक माफिया का समर्थन और बचाव कर रही है। भंडारी ने कहा, “आज हम यहां जो मुद्दा उठाने आए हैं, वह पंजाब और उसके युवाओं के भविष्य से जुड़ा है।”

आम आदमी पार्टी, जो भ्रष्ट है और ड्रग्स के धंधे से जुड़ी है, अब अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान के निर्देशों पर पंजाब में पेपर लीक माफिया चला रही है। पंजाब में एक पेपर लीक माफिया काम कर रहा है, और अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार इसका समर्थन, प्रचार और बचाव कर रही है।”

भंडारी ने PCS Mains एग्जाम के रिज़ल्ट में कथित गड़बड़ियों की CBI जांच की मांग की। उन्होंने कहा, “हमारी मांग है कि पंजाब PCS मेन्स एग्जाम के नतीजों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां हुई हैं, जिसमें ऐसे कैंडिडेट चुने गए जिन्होंने एग्जाम के लिए एनरोल भी नहीं किया था और चुने गए कैंडिडेट में से 25 परसेंट आम आदमी पार्टी के MLA के चुनाव क्षेत्र में मौजूद एक ही सेंटर से आए थे, इसकी CBI से जांच होनी चाहिए।”

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शॉर्टलिस्टिंग प्रक्रिया पर BJP का आरोप

उन्होंने इंटरव्यू शॉर्टलिस्टिंग प्रोसेस पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि कमीशन ने स्टैंडर्ड फॉलो नहीं किया। उन्होंने कहा, “न सिर्फ ऐसे कैंडिडेट चुने गए जिनके रोल नंबर रजिस्टर्ड नहीं थे, और न सिर्फ 25 परसेंट सिलेक्शन एक ही सेंटर से आए थे।”

बल्कि इस बार एग्जाम में बैठने वाले कैंडिडेट की संख्या से तीन गुना कैंडिडेट को इंटरव्यू के लिए बुलाने का स्टैंडर्ड प्रोसेस भी फॉलो नहीं किया गया।” भंडारी ने भर्ती प्रोसेस में धोखाधड़ी का आरोप लगाने के पांच कारण बताए।

उन्होंने कहा, “पहला, ऐसे कैंडिडेट चुने गए जिनके रोल नंबर एग्जाम के लिए रजिस्टर्ड नहीं थे। दूसरा, चुने गए कैंडिडेट में से 24-25 परसेंट एक ही एग्जाम सेंटर से आए थे। तीसरा, इंटरव्यू के लिए तीन गुना कैंडिडेट को बुलाने का स्टैंडर्ड प्रोसेस फॉलो नहीं किया गया।”

भंडारी ने कहा, “चौथा, यह परीक्षा केंद्र आम आदमी पार्टी के MLA के चुनाव क्षेत्र में आता है। पांचवां, रिजल्ट दो साल से ज़्यादा समय तक घोषित नहीं किए गए थे, और आखिरी परीक्षा 2020 में हुई थी।”

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