Jairam Ramesh का PM, HM और CEC पर हमला, चुनाव में हेराफेरी का आरोप
सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म 'X' पर एक पोस्ट में Jairam Ramesh ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल के पिछले विधानसभा चुनावों में हेरफेर की गई थी। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग के प्रमुख ने सत्ताधारी दल के शीर्ष नेतृत्व के इशारे पर काम किया था।

कांग्रेस के सीनियर नेता और राज्यसभा सांसद Jairam Ramesh ने मंगलवार को केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला किया।
उन्होंने एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला दिया जिसमें कहा गया था कि पश्चिम बंगाल में एक दर्जन से ज़्यादा ज्यूडिशियल ट्रिब्यूनल अधिकारियों ने चुनाव आयोग के अपील पोर्टल में कामकाज से जुड़ी गंभीर कमियों की ओर इशारा किया था।
उनके ये बयान ‘इंडिया’ (INDIA) ब्लॉक और दूसरे विपक्षी दलों के सांसदों द्वारा CEC के इस्तीफ़े की मांग को लेकर भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के मुख्यालय तक निकाले जाने वाले प्रस्तावित विरोध मार्च से पहले आए हैं।
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Jairam Ramesh का बड़ा आरोप
सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ‘X’ पर एक पोस्ट में Jairam Ramesh ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल के पिछले विधानसभा चुनावों में हेरफेर की गई थी। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग के प्रमुख ने सत्ताधारी दल के शीर्ष नेतृत्व के इशारे पर काम किया था।
भारत के चुनाव आयोग (Election Commission of India) के कारनामे एक-एक करके सामने आ रहे हैं। साफ़ है कि PM-HM की रणनीति किसी भी कीमत पर पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव जीतने की थी।
यह बड़े पैमाने पर हेरफेर और धांधली का एक क्लासिक मामला था, जिसकी देखरेख CEC ने की थी। कठपुतली को तो जाना ही है, लेकिन दो कठपुतली नचाने वालों को भी जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। उनकी असलियत सबके सामने आ चुकी है और अब उनके हिसाब-किताब का समय भी दूर नहीं है,” Jairam Ramesh ने कहा।
विपक्ष के प्रदर्शन की घोषणा करते हुए Jairam Ramesh ने कहा, “आज, INDIA गठबंधन के सांसद और अन्य विपक्षी सांसद, जिन्हें आमंत्रित किया गया है, CEC के इस्तीफे की मांग के लिए भारत के चुनाव आयोग तक शांतिपूर्ण मार्च करेंगे। ऐसा लगता है कि संसद परिसर पहले से ही अभूतपूर्व सुरक्षा घेरे में है, जो कठपुतली नचाने वाली जोड़ी की घबराहट को दिखाता है।”
रमेश ने एक खोजी मीडिया रिपोर्ट भी साझा की, जिसमें बताया गया था कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत पश्चिम बंगाल में नियुक्त एक दर्जन से ज़्यादा अपीलीय ट्रिब्यूनल के जजों ने – जो स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के तहत 27 लाख मतदाताओं के नाम हटाने के मामलों की सुनवाई कर रहे थे – ECI के डिजिटल पोर्टल में आ रही बड़ी दिक्कतों को आधिकारिक तौर पर दर्ज कराया था।
Jairam Ramesh ने फिर CEC Gyanesh Kumar से इस्तीफे की मांग की
ECI के डिजिटल पोर्टल पर सवाल
रिपोर्ट के अनुसार, ट्रिब्यूनल के जजों ने ECI और कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को भेजे गए आधिकारिक संदेशों में बताया कि तय डिजिटल पोर्टल में पार्टियों को नोटिस भेजने, अतिरिक्त दस्तावेज़ अपलोड करने, वर्चुअल सुनवाई करने या हटाए गए मतदाताओं के नाम वापस वोटर लिस्ट में जोड़ने की कोई व्यवस्था नहीं थी।
इस बीच, ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन के सांसदों के मकर द्वार से शुरू होने वाले विरोध मार्च से पहले भारत निर्वाचन आयोग के दफ्तर के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। विपक्षी नेता और सांसद मंगलवार सुबह राष्ट्रीय राजधानी में भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के मुख्यालय ‘निर्वाचन सदन’ की ओर मार्च करने वाले हैं।
यह मार्च ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविजन’ (SIR) प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन का हिस्सा है।
CM Fadnavis बोले, मौजूदा SIR पुरानी प्रक्रिया का अगला चरण है
‘इंडिया’ गठबंधन के इस मार्च को बीजू जनता दल का समर्थन मिलने से और मजबूती मिली है। साथ ही, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव भी विरोध मार्च में शामिल होने के लिए लखनऊ से निकल चुके हैं।
यह मार्च मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ विपक्ष के लगातार चल रहे अभियान और चुनाव आयोग से अधिक पारदर्शिता की मांग के बीच हो रहा है। इंडिया’ गठबंधन की कई पार्टियों के नेता इस मार्च में हिस्सा लेंगे और चुनाव आयोग (EC) के सामने अपनी चिंताएं रखेंगे।
यह विरोध प्रदर्शन विपक्ष द्वारा घोषित व्यापक “लोकतंत्र बचाओ” अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत इसके नेता चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन और सार्वजनिक कार्यक्रम कर रहे हैं।
निर्वाचन सदन’ तक होने वाले इस मार्च से मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच राजनीतिक टकराव और तेज होने की उम्मीद है।
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