Satya Niketan हादसा मालिकों पर अवैध मंज़िलें बनाने का आरोप

FIR में स्थानीय पूछताछ के आधार पर यह भी आरोप लगाया गया कि इमारत कई साल पुरानी थी और इसके मालिकों - हरि बंसल और उनके भाई - ने कथित तौर पर किराए से कमाई के लिए ऊपर चार मंज़िलें बनवाई थीं।

दिल्ली पुलिस ने Satya Niketan में गिरी इमारत के मामले में FIR दर्ज की है। इस हादसे में सात लोगों की मौत हो गई थी। FIR में आरोप लगाया गया है कि पुरानी इमारत की भार सहने की क्षमता (load-bearing capacity) को लेकर चिंताएं होने के बावजूद उस पर अतिरिक्त मंजिलें बनाई गई थीं और और निर्माण कार्य भी चल रहा था।

FIR के मुताबिक, Satya Niketan में यह घटना दोपहर करीब 1 बजे हुई और पुलिस को इसकी सूचना करीब 1:34 बजे मिली। कॉलर ने अधिकारियों को बताया कि PG के तौर पर इस्तेमाल हो रही एक इमारत गिर गई है और उसके अंदर छात्र मौजूद हैं।

Satya Niketan हादसे पर ASI का बयान

शिकायतकर्ता ASI प्रफुल्ल टोप्पो ने बताया कि Satya Niketan में पुलिस मौके पर पहुंची तो देखा कि पूरी इमारत ढह चुकी थी और घटनास्थल के आसपास काफी लोग जमा थे।

स्थानीय पूछताछ से पता चला कि ग्राउंड फ्लोर के अलावा चार मंजिला इमारत में PG चल रहा था, जहां कई छात्र और अन्य लोग रह रहे थे। अचानक इमारत गिरने से कुछ लोग उसमें फंस गए थे।

FIR के मुताबिक, Satya Niketan में घटना वाली जगह पर सीनियर पुलिस अधिकारी, ज़िला क्राइम टीम, नेशनल डिज़ास्टर रिस्पॉन्स फ़ोर्स (NDRF), फ़ोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) के कर्मचारी, फ़ायर ब्रिगेड, रेस्क्यू टीमें और एम्बुलेंस बुलाई गईं।

पुलिस के दस्तावेज़ के अनुसार, चार लोगों – ज्ञानचंद के बेटे 19 साल के नीरज, राजू कुमार के बेटे आदित्य कुमार, BK भारद्वाज के बेटे कृष्णा और चार अज्ञात लोगों – को मेडिकल जांच के लिए AIIMS ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया।

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FIR में चार मंज़िलें बनाने का आरोप

FIR में स्थानीय पूछताछ के आधार पर यह भी आरोप लगाया गया कि इमारत कई साल पुरानी थी और इसके मालिकों – हरि बंसल और उनके भाई – ने कथित तौर पर किराए से कमाई के लिए ऊपर चार मंज़िलें बनवाई थीं।

इसमें यह भी कहा गया कि नया निर्माण चल रहा था, जिससे कथित तौर पर इमारत के ढांचे पर अतिरिक्त दबाव पड़ा। पुलिस का आरोप है कि मालिकों को यह पता होने के बावजूद कि मौजूदा इमारत की नींव अतिरिक्त वज़न नहीं सह सकती और इससे जान को खतरा हो सकता है, निर्माण कार्य किया गया।

इस मामले की जांच इंस्पेक्टर नरेंद्र कुमार कर रहे हैं। यह FIR 6 सितंबर को हुई उस घटना की जांच के दौरान दर्ज की गई है, जिसमें सात लोगों की मौत हो गई थी।

दिल्ली पुलिस ने इस घटना के सिलसिले में हरिराम, उनकी पत्नी उर्मिला और उनके बेटे महेश को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। एडिशनल DCP अभिमन्यु पोसवाल ने पहले बताया था कि घटना से पहले बेसमेंट में रेनोवेशन का काम चल रहा था।

उन्होंने कहा कि हरिराम ने रेनोवेशन की देखरेख करने की बात मानी है, जबकि एक घायल मजदूर ने भी पुष्टि की है कि बेसमेंट में निर्माण कार्य चल रहा था। इस बीच, दिल्ली सरकार ने इस घटना के बाद शहर भर में PG अकोमोडेशन और कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा जांच और सघन करने के आदेश दिए हैं।

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