PM Modi की नकल विवाद पर Raashid Alvi ने Rahul Gandhi का बचाव किया

Rashid Alvi ने आगे कहा, "राहुल गांधी बस मुस्कुरा और हंस रहे थे, लेकिन अकेले राहुल गांधी ही नहीं हंस रहे थे। पूरी भीड़ हंस रही थी, खासकर वहाँ मौजूद महिलाएँ। अगर किसी महिला का अपमान हो रहा हो, तो क्या महिलाएँ भी हंसेंगी?"

कांग्रेस नेता Raashid Alvi ने रविवार को विपक्ष के एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री करने को लेकर राहुल गांधी का बचाव किया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ़ “मिमिक्री थी और कुछ नहीं” और आरोप लगाया कि सोनिया गांधी के बारे में पीएम मोदी की टिप्पणियाँ ही “असली अपमान” थीं।

Raashid Alvi ने कहा, “मैंने वह वीडियो देखा है; मुझे उसमें कुछ भी आपत्तिजनक नहीं लगा। अगर कोई व्यक्ति मिमिक्री कर रहा है, तो बीजेपी नेताओं में इतनी समझ होनी चाहिए कि वे मिमिक्री का मतलब समझ सकें।”

Raashid Alvi ने बचाव में दिया तर्क

Raashid Alvi ने आगे कहा, “राहुल गांधी बस मुस्कुरा और हंस रहे थे, लेकिन अकेले राहुल गांधी ही नहीं हंस रहे थे। पूरी भीड़ हंस रही थी, खासकर वहाँ मौजूद महिलाएँ। अगर किसी महिला का अपमान हो रहा हो, तो क्या महिलाएँ भी हंसेंगी?”

उन्होंने कहा, “बीजेपी को सोनिया गांधी के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कही बातें याद रखनी चाहिए; वे बातें अपमानजनक थीं। प्रधानमंत्री ने सोनिया जी के बारे में जो कहा, वह अपमान था। यह सिर्फ़ नकल उतारना है और कुछ नहीं।”

दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन (DUSU) चुनाव, जिसमें ABVP ने तीनों मुख्य पद जीते, पर अल्वी ने कहा कि नतीजों को लेकर छात्र सवाल उठा रहे हैं, लेकिन कांग्रेस उम्मीदवार कई राउंड तक आगे रहे थे।

उन्होंने कहा, “छात्र कह रहे हैं कि कुछ गड़बड़ी हुई थी। लेकिन अगर कोई गड़बड़ी नहीं भी हुई, तो भी कांग्रेस और NSUI के उम्मीदवार 18 राउंड तक आगे चल रहे थे। अगले दो राउंड में, जैसा कि पूरे भारत में हमेशा होता है, अंत में बीजेपी जीतती है, और वहां भी ABVP ही जीती।”

AAP नेता अरविंद केजरीवाल को जारी स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) नोटिस पर अल्वी ने आरोप लगाया कि देश भर के विपक्षी नेताओं को भी ऐसे ही नोटिस मिल सकते हैं।

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Raashid Alvi का SIR पर बयान

Raashid Alvi ने कहा, “SIR नोटिस शायद देश के हर विपक्षी नेता को भेजा जा सकता है। अगर ऐसे नोटिस जारी नहीं किए जाते, तो वे सिर्फ़ बीजेपी नेताओं को नहीं जाएंगे।”

उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग अब एक स्वतंत्र संस्था नहीं रही; फैसले बीजेपी और उसकी सरकार लेती है और चुनाव आयोग उन्हें लागू करता है।

उन्होंने आगे कहा, “आज चुनाव आयोग का काम सिर्फ़ बीजेपी और बीजेपी सरकार के फ़ैसलों को लागू करने तक ही सीमित रह गया है।”
यह बात उन्होंने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की उस टिप्पणी के संदर्भ में कही, जिसमें उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के नए चुनाव चिह्न (फ़ुटबॉल) का ज़िक्र किया था।

Raashid Alvi ने कहा कि चुनाव ऐसे बयानों से तय नहीं होते। उन्होंने आगे कहा, “अगर फ़ुटबॉल कभी किसी के शरीर पर लग जाए, तो वह व्यक्ति बेहोश भी हो सकता है।

मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि असम के मुख्यमंत्री सुरक्षित रहें और उन्हें यह न लगे। पार्टियाँ नहीं टूटीं; भारतीय लोकतंत्र टूटा है। यह देश में लोकतंत्र को खत्म करने की एक बड़ी साज़िश है।”

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