Pawan Khera ने Diwali से पहले Gold Fund पाबंदियों को लेकर केंद्र को घेरा

Pawan Khera ने लिखा, "मोदी ने 'अच्छे दिन' - यानी खुशहाली और तरक्की - का वादा किया था। लेकिन जरा देखिए कि इस दिवाली और धनतेरस पर उन्होंने कैसी 'खुशहाली' दी है!"

कांग्रेस नेता Pawan Khera ने कुछ गोल्ड और गोल्ड-सिल्वर म्यूचुअल फंड स्कीमों में नए निवेश पर लगाई गई पाबंदियों को लेकर नरेंद्र मोदी सरकार की आलोचना की है। उन्होंने दिवाली और धनतेरस से ठीक पहले सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाए हैं; भारत में इन मौकों को सोना खरीदने के लिए शुभ माना जाता है।

‘X’ (ट्विटर) पर एक पोस्ट में Pawan Khera ने भाजपा के “अच्छे दिन” वाले वादे का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां देश के सबसे बड़े त्योहारी खरीदारी के समय में सोना खरीदने पर रोक लगा रही हैं।

Modi के वादों पर Pawan Khera का हमला

Pawan Khera ने लिखा, “मोदी ने ‘अच्छे दिन’ – यानी खुशहाली और तरक्की – का वादा किया था। लेकिन जरा देखिए कि इस दिवाली और धनतेरस पर उन्होंने कैसी ‘खुशहाली’ दी है!”

कांग्रेस नेता ने अपनी आलोचना में तीन बातों का जिक्र किया: भारतीयों को सोना न खरीदने की प्रधानमंत्री की कथित सलाह; सोने की खरीद को हतोत्साहित करने के लिए उस पर आयात शुल्क (import duty) में बढ़ोतरी; और भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के निर्देशों के बाद, कुछ खास ‘गोल्ड फंड ऑफ फंड्स’ (Gold Funds of Funds) और ‘गोल्ड-सिल्वर फंड ऑफ फंड्स’ में नए निवेश पर लगाई गई कथित पाबंदियां।

खेरा की यह टिप्पणी मनोज अरोड़ा की एक पोस्ट के बाद आई है, जिसमें गोल्ड फंड्स पर लगी इन कथित पाबंदियों और निवेशकों पर इनके संभावित असर के बारे में चर्चा की गई थी।

पोस्ट में दी गई जानकारी के अनुसार, SEBI ने म्यूचुअल फंड एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (AMCs) को निर्देश दिया है कि वे 16 अक्टूबर से कुछ खास ‘गोल्ड फंड ऑफ फंड्स’ (जिसमें गोल्ड-सिल्वर फंड भी शामिल हैं) में नए एकमुश्त निवेश (lump-sum investments), ‘स्विच-इन’ और नए सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) रजिस्ट्रेशन को अस्थायी रूप से रोक दें।

Abhijeet Dipke ने Delhi में प्रशासनिक पाबंदियों पर उठाए सवाल

Gold Fund पाबंदी पर सवाल

इन कथित कदमों पर प्रतिक्रिया देते हुए, खेरा ने इन पाबंदियों के समय (timing) पर सवाल उठाया। उन्होंने तर्क दिया कि ये पाबंदियां ऐसे त्योहारी सीजन में लगाई गई हैं, जब आमतौर पर सोने की मांग बढ़ जाती है।

उन्होंने कहा, “ये हैं ‘अच्छे दिन’—कि सरकार को अब सोने की खरीद पर रोक लगानी पड़ रही है, और वह भी साल के उस समय, जब लोग सबसे ज्यादा सोना खरीदते हैं!”

सरकार के आर्थिक रिकॉर्ड पर तंज कसते हुए, खेरा ने इस स्थिति को “बेहद विनाशकारी उपलब्धि” (spectacularly disastrous achievement) करार दिया और व्यंग्य करते हुए कहा कि इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विशेष सम्मान मिलना चाहिए।

उन्होंने सरकार के आर्थिक वादों पर सवाल उठाते हुए अपनी पोस्ट खत्म की और लिखा, “अच्छे दिन? नहीं। यह तो आने वाली एक बड़ी आर्थिक तबाही का ट्रेलर है।”

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